गोंडा। जिले के करीब 30 हजार राज्य कर्मचारियों व पेंशनरों को कैशलेस चिकित्सा की सुविधा प्रदान की जाएगी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत राज्य कर्मचारियों के अलावा उनके आश्रितों व पेंशनरों को चिह्नित निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। गुरुवार को योजना के तहत पंजीकरण कर हेल्थ कार्ड बनाने की कवायद शुरू हो गई है।
जिले के करीब 14 हजार राज्य कर्मचारियों तथा 16 हजार पेंशनर्स को हर साल पांच लाख तक मुफ्त इलाज के लिए हेल्थ कार्ड बनाने की शुरुआत हो गई है। आयुष्मान भारत योजना का विस्तार कर राज्य कर्मचारियों को जोड़ा गया है। विभाग के पैनल निजी अस्पतालों में हर साल पांच लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी। हेल्थ कार्ड बनाने के लिए कंप्यूटर ऑपरेटरों को प्रशिक्षण दिया गया है।
गुरुवार को प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना के जिला सूचना प्रबंधक अंकित श्रीवास्तव ने बताया कि मुख्य कार्यपालक अधिकारी पीएमजेएवाई संगीता सिंह ने निर्देश पर दो मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षित किया गया है। मास्टर ट्रेनर जिले के सभी विभागों में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटरों को प्रशिक्षण के साथ उन्हें आईडी व पासवर्ड देंगे। इसके बाद संबधित विभाग की ओर से कर्मियों का पंजीकरण व हेल्थ कार्ड बनाया जाएगा। कोई भी कर्मचारी खुद भी योजना के लाभ के लिए पंजीकरण कर हेल्थ कार्ड बनवा सकता है। इसके लिए एसईसीटीएस डॉट यूपी डॉट जीओवी डॉट इन की वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण किया जा सकता है।
नहीं करना होगा भुगतान का इंतजार
राज्य कर्मचारियों को अब तक इलाज के बाद बिल बाउचर एकत्र कर संबंधित विभाग के कार्यालय में जमा करना पड़ता था। इसके बाद लंबी प्रक्रिया व मशक्कत के बाद भुगतान हो पाता था। मरीज को इलाज पर खर्च हुई राशि का भुगतान पाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। शासन स्तर से शुरू होने वाली इलाज की इस नयी कैश लैस सुविधा से राज्य कर्मियों के साथ पेंशनर को होने वाली परेशानी से बड़ी राहत मिलेगी।