शक्ति भवन पर प्रदर्शन के दौरान आगजनी और बलवा करने को लेकर जो मुकदमे संविदा बिजली कर्मियों पर चार महीने पहले दर्ज हुए थे, वह सारे केस वापस लिए जाएंगे। साथ ही पावर कॉर्पोरेशन में काम कर रहे संविदा बिजली कर्मियों को परिवहन निगम की भांति ही उनके मानदेय का भुगतान किया जाएगा, वह भी बीच से ठेकेदारों को हटाकर।
यह कहना है बिजली कर्मचारी संघ केंद्रीय कमेटी के उप मंत्री रजनीकांत पांडेय का। उन्होंने बताया कि सोमवार को इसी सिलसिले में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय सचिव अतुल कुमार अंजान, उप्र बिजली कर्मचारी संघ संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी सदरुद्दीन राना, गिरीश कुमार पांडेय, आरएस राय व सर्वेशचंद्र द्विवेदी के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के आवास पर उनसे मुलाकात की।
इसमें मुख्यमंत्री ने संविदा बिजली कर्मियों के साथ ही स्थायी काम कर रहे बिजली कर्मियों पर दर्ज हुए मुकदमों को वापस लेने का आश्वासन उन्हें दिया है। यही नहीं मुख्यमंत्री ने पदाधिकारियों को इस बात के लिए भी आश्वस्त किया है कि संविदा बिजली कर्मियों का किसी तरह से कोई उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा।
संघ के खंडीय मंत्री रामकृपाल ने बताया कि संविदा बिजली कर्मियों को जो समस्याएं हैं, उसको पूरा करने के साथ ही मुख्यमंत्री ने परिवहन निगम की भांति ही संविदा बिजली कर्मियों को मानदेय दिलाने का आश्वासन उन्हें दिया है।