मुजेहना। जिले के ठेकेदार अविनाश सिंह ने नोएडा की एक निजी फर्म के संचालक प्रदीप और एचडीएफसी बैंक के दो अधिकारियों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि पहले उसे साझेदारी और मुनाफे का झांसा देकर 10 लाख का निवेश कराया गया, फिर उसकी जानकारी के बिना ही उसे करीब 1.50 करोड़ के बैंक ऋण में गारंटर बना दिया गया।
मामले में धानेपुर थाने में प्रदीप सिंह, ग्रेटर नोएडा के मोतीनगर स्थित एचडीएफसी बैंक व ग्रेटर नोएडा में कनाट प्लेस बेलही स्थित एचडीएफसी बैंक के शाखा प्रबंधकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
धानेपुर थाना क्षेत्र के बछईपुर निवासी ठेकेदार अविनाश सिंह ने अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि करीब दो वर्ष पहले पुलिस लाइन में फोरेंसिक लैब निर्माण कार्य के दौरान उनकी मुलाकात प्रदीप कुमार सिंह निवासी बी-119 सिग्मा-ग्रेटर नोएडा थाना गौतमबुद्ध नगर से हुई थी। दोनों के बीच निकटता बढ़ने पर प्रदीप ने उन्हें अपने ठेकेदारी व्यवसाय में पांच प्रतिशत हिस्सेदारी का प्रस्ताव दिया। विश्वास में लेकर उनसे पैतृक आवास पर ही कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करा लिए गए।
11 अक्तूबर 2021 को अविनाश सिंह ने आरटीजीएस के माध्यम से प्रदीप सिंह की फर्म के खाते में 10 लाख रुपये का निवेश किया। बाद में उनकी जानकारी और सहमति के बिना उनका पता गोंडा से बदलकर नोएडा दर्शा दिया गया और एचडीएफसी बैंक के अधिकारियों की कथित मिलीभगत से करीब 1.50 करोड़ रुपये के मशीनरी ऋण में उन्हें गारंटर बना दिया गया। जब प्रदीप से फोन पर जानकारी मांगी तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। (संवाद)