गोंडा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मतदान कर्मियों को मानदेय न देने और ड्यूटी से गायब रहने पर एक सेक्टर मजिस्ट्रेट के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी सेक्टर मजिस्ट्रेट के खिलाफ मामला दर्ज कर निलंबन की संस्तुति शासन को भेजी है।
बीएसए विनय मोहन वन ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश कोतवाली नगर में खंड शिक्षा अधिकारी अश्वनी प्रताप सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
पंचायत चुनाव में खंड शिक्षा अधिकारी अश्वनी प्रताप सिंह की ड्यूटी इंटियाथोक के श्रीनगर सेक्टर में सेक्टर मजिस्ट्रेट के रूप में लगी थी। बीएसए ने बताया कि मतदान कर्मियों को दिए जाने वाले भुगतान भी सेक्टर मजिस्ट्रेट ने 18 अप्रैल को प्राप्त कर लिया था। लेकिन वह ड्यूटी पर नही पहुंचे, मतदान के दिन भी मतदान कर्मियों को उनकी ओर से भुगतान नही किया गया।
फोन करके मतदान के दिन बुलाया गया लेकिन व तीन घंटे तक नही आए। इसके बाद उन्होंने फोन भी नही उठाया। इसकी पूरी जानकारी जिलाधिकारी को दी गयी। डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए आरोपी अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश देते हुए खंड शिक्षा अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संस्तुति भी शासन को भेजी रिपोर्ट में की है।
विधायक के गांव में बूथ कैप्चरिंग का आरोप
कटरा बाजार के विधायक बावन सिंह के गांव गद्दोपुर के बूथ पर बूथ कैप्चरिंग की शिकायत हुई है। वीडियो भी वायरल हुआ है। जिसमें किशोरी लाल व एक अन्य ने कहा है कि वह वोट देने गए तो बूथ में बैलेट देखकर वोट देने का दबाव बनाया गया। इसके साथ ही दोपहर में ही वहां पर सन्नाटा होने की बात कही गई।
गांव के हरेंद्र सिंह ने पहले ही आयोग समेत अधिकारियों को बूथ पर गड़बड़ी की आशंका जताई थी। पुलिस होने के बाद भी मतदाताओं को मारने पीटने का आरोप लोगों ने लगाया है। फिलहाल पुलिस को कोई तहरीर नह़ी मिली है।