गोंडा। जिला महिला अस्पताल की इमरजेंसी में हुए विवाद के मामले में ईएमओ डॉ. रश्मि शर्मा की तहरीर पर पूर्व विधायक तुलसीदास रायचंदानी के खिलाफ नगर कोतवाली पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। दूसरी ओर पूर्व विधायक ने डॉ. रश्मि शर्मा पर वसूली का आरोप लगाते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। इसमें डॉ. रश्मि शर्मा की बर्खास्तगी की मांग की है।
जिला महिला अस्पताल की ईएमओ डॉ. रश्मि शर्मा ने रविवार को पूर्व विधायक तुलसीदास रायचंदानी पर गाली देने व मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए नगर कोतवाली में तहरीर दी थी। जांच के बाद पुलिस ने पूर्व विधायक के खिलाफ सरकारी कर्मचारी के साथ मारपीट करने, जान-बूझकर अपमान करने सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद पूर्व विधायक ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर डॉ. रश्मि शर्मा को बर्खास्त करने की मांग की।
पत्र में पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि डॉ. रश्मि शर्मा ने भाजपा कार्यकर्ता शेखर सिंह से प्रसव के नाम पर पांच हजार रुपये मांगे थे। शेखर ने संबंधित डॉक्टर को एक पत्र लिखा, लेकिन उसने कार्यकर्ता के सामने ही पत्र फाड़कर फेंक दिया। वह अस्पताल पहुंचे तो ईएमओ डॉ. रश्मि शर्मा ने उनका अपमान किया। पूर्व विधायक ने डॉ. रश्मि शर्मा को बर्खास्त करने के साथ ही उनके खिलाफ मुकदमा लिखने और विधिक कार्रवाई की मांग की है।
पूर्व विधायक पर मुकदमा दर्ज होने के बाद रुद्रपुर विसेन निवासी शेखर सिंह ने मंगलवार को भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ सीएमओ कार्यालय जाकर डॉ. रश्मि शर्मा की शिकायत की। आरोप लगाया कि डॉ. रश्मि शर्मा ने सकुशल प्रसव कराने के लिए उनसे पांच हजार रुपये की मांग की थी। इस दौरान विष्णु प्रताप नारायण सिंह, राजेश तिवारी व अन्य भाजपाई मौजूद रहे।
जिला महिला अस्पताल की ईएमओ डॉ. रश्मि शर्मा ने कहा कि मुझे गाली देकर अपमानित किया गया, जिसका मेरे पास पूरा साक्ष्य है। शिकायत करने के बाद समझौता करने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। अब तीन दिन बाद नया आरोप लगाया जा रहा है। दूसरे प्रदेश से आकर यहां नौकरी कर रही हूं। अगर ज्यादा परेशान किया गया तो नौकरी छोड़ दूंगी। डॉ. रश्मि शर्मा ने कहा- विभागीय अधिकारी भी समझौता करने का दबाव बना रहे हैं। मार गाली सहकर नौकरी नहीं कर सकती।
डॉक्टर व पूर्व विधायक के बीच हुए विवाद के मामले में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ डॉ. रश्मि शर्मा के पक्ष में आ गया है। संघ के पदाधिकारी व एसीएमओ डॉ. जयगोविंद ने बताया कि डॉक्टर के साथ गाली-गलौज करना व मारने की धमकी देना निंदनीय है। प्रारंभिक जांच में यदि मामला सही निकला तो डॉक्टरों का संघ मोर्चा खोलेगा। किसी जनप्रतिनिधि को अपमान करने का अधिकार नहीं है।
जिला महिला अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शालू महेश का कहना है कि प्रकरण में डॉ. रश्मि शर्मा की कोई गलती नहीं है। उन्होंने शासन द्वारा तय मानक के अनुरूप प्राइवेट वार्ड के चार्ज की समाप्ति को अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया था। जिस महिला मरीज का मामला है, उसका इलाज पूरी तरफ से मुफ्त किया गया। कहीं किसी ने एक रुपये की मांग नहीं की। बल्कि समर्थकों संग पूर्व विधायक ने लेबर रूम में जाकर चिकित्सकीय मानक का उल्लंघन किया है।