मनकापुर (गोंडा)। मृतक की फर्जी पुत्री बनाकर उसके नाम वरासत करवाने के मामले में डीआईजी के आदेश पर महिला लेखपाल व राजस्व निरीक्षक सहित 12 लोगों के खिलाफ शुक्रवार को पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है।
छपिया थानाक्षेत्र के ग्राम गड़रही निवासी श्यामपाल के अनुसार, उसके बड़े पिता छांगुर की पत्नी रोहना ने उन्हें छोड़कर दूसरी शादी गांव के सालिकराम से की थी। बड़े पिता छांगुर की मृत्यु 32 वर्ष पूर्व हो चुकी है। उनकी कोई संतान नहीं है। वह बड़े पिता का देखभाल करता था। वह उनकी चल व अचल संपत्ति का जायज वारिस है।
छांगुर की मृत्यु के 32 वर्ष बाद तत्कालीन हल्का लेखपाल संगीता गौड़, राजस्व निरीक्षक परशुराम सिंह और प्रदीप मिश्रा ने मिलीभगत करके वजीरगंज थानाक्षेत्र के देवीनगर की राममुना को मृतक छांगुर की पुत्री बनाकर उनके नाम वरासत कर दी। श्यामपाल का आरोप लगा है कि संपत्ति हड़पने के लिए पंचमलाल व रामलखन ने वरासत होने के तीन दिन बाद ही 4 फरवरी व 01 जुलाई 2022 को भूमि का बैनामा अपने नाम करवा लिया। जिसमे छपिया थाना क्षेत्र के भरपुरवा गांव निवासी सियाराम, देवीनगर गांव निवासी दुलारे, कोतवाली देहात क्षेत्र के करनपुर गांव निवासी सूर्य कुमार और बैरीपुर रामनाथ गांव निवासी फूलचंद, ग्राम गड़रही निवासी दयाशंकर व राम सूरत शामिल है। कोतवाल राजकुमार सरोज ने बताया कि महिला लेखपाल व 2 राजस्व निरीक्षक समेत 12 पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।