गोंडा। शांति एवं शुचितापूर्ण तरीके से लोकसभा चुनाव कराने के लिए रविवार को जिले में एक और आईपीएस अफसर की तैनाती की गई है। इसके साथ ही अयोध्या में श्रीराम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं की सुरक्षा व यातायात समेत अन्य व्यवस्थाएं अहम हो गईं है। नवाबगंज समेत सीमा से सटे इलाकों के साथ ही जिले में पुलिस की चुनौती बढ़ी है।
माना जा रहा है कि एक और एएसपी की तैनाती से जिले की सुरक्षा व्यवस्था को दो भागों में बांटकर चुस्त और दुरुस्त करने में मदद मिलेगी। पड़ोसी जनपद बलरामपुर में एक साल पहले ही दो अपर पुलिस अधीक्षकों की तैनाती की गई थी। गोंडा में पुलिस कप्तान विनीत जायसवाल को एक और लेफ्टिनेंट के रूप में एएसपी मनोज रावत की पोस्टिंग हुई है।
पिछले दिनों एएसपी शिवराज और एसपी अंकित मित्तल का तबादला हो गया। ऐसे में लखनऊ कमिश्नरेट से एसपी विनीत जायसवाल, उसके बाद एएसपी राधेश्याम राय को जिले में तैनाती मिली। रविवार को शासन स्तर से भारतीय पुलिस सेवा 2019-20 बैच के आठ आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया गया। बतौर सहायक पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार रावत को बुलंदशहर से गोंडा में तैनात किया गया। इसके पीछे की बड़ी वजह अयोध्या में प्राण-प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं की सुरक्षा व लोकसभा चुनाव में पुलिस की चुनौती और बढ़ जाएगी।
वहीं एएसपी राधेश्याम राय पहले से जिले के हालात समझ रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि जिले को दो जोन में बांटा जा सकता है। सभी जोन की जिम्मेदारी वरिष्ठ व आईपीएस अफसरों को दी जा सकती है। एसपी विनीत जायसवाल ने भी जिले में दो एएसपी तैनाती की संभावनाओं से इंकार नहीं किया है।
प्राण प्रतिष्ठा के बाद अफसरों की जिम्मेदारी बढ़ी
अधिकारियों का कहना है कि अयोध्या में प्राण-प्रतिष्ठा के बाद सुरक्षा व्यवस्था चुनौती बन गई है। इतना ही नहीं बाहर से आने वाले यात्रियों व आमजनों की सुरक्षा के साथ ही पुलिस कर्मियों पर भी पैनी नजर रखनी होगी।
शासन से की गई थी मांग, मिलेगी सहूलियत
मंडल मुख्यालय और जिले का बड़ा क्षेत्र होने के कारण शासन से इसकी पूर्व में मांग की गई थी। पांच पुलिस क्षेत्राधिकारी सर्किल होने के अलावा दो अपर पुलिस अधीक्षकों की तैनाती से लॉ एंड ऑर्डर व्यवस्थित रखने में सुविधा होगी। शासन की निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार दोनों एएसपी के कार्यक्षेत्रों का निर्धारण किया जाएगा। - विनीत जायसवाल, पुलिस कप्तान