विकासभवन की सीढ़ी पर ठंड में बच्चों के साथ बैठे काउंसलिंग कराने आए अभ्यर्थी। स्रोत: अभ्यर्थी
गोंडा। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में शिक्षक भर्ती की काउंसलिंग व्यवस्था सोमवार को बदइंतजामी की भेंट चढ़ गई। विकास भवन सभागार में आयोजित काउंसलिंग चार घंटे की देरी से शुरू होने पर अभ्यर्थियों का दर्द छलक पड़ा। सुबह 11 बजे बुलाए गए अभ्यर्थी दोपहर तीन बजे के बाद तक इंटरव्यू शुरू होने का इंतजार करते रहे। ठंड के मौसम में कोई अपने छोटे बच्चों को लेकर विकास भवन की सीढ़ियों पर बैठा दिखा तो कोई पास के पार्क में शरण लेने को मजबूर रहा।
जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय बभनजोत, हलधरमऊ, वजीरगंज, कटरा बाजार और झंझरी को इंटर कॉलेज के रूप में उच्चीकृत किया गया है। इन विद्यालयों में हिंदी, अंग्रेजी, गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और कंप्यूटर साइंस के कुल 35 शिक्षक पदों पर नियुक्ति के लिए काउंसलिंग होनी थी। लेकिन तय समय पर प्रक्रिया शुरू न होने से दूर-दराज से आए अभ्यर्थियों की परेशानी बढ़ती चली गई। कौड़िया से आई सृष्टि ने बताया कि वह दो बच्चों के साथ सुबह 11 बजे पहुंच गई थीं, लेकिन तीन बजे तक इंटरव्यू शुरू नहीं हुआ। सृष्टि के पति बच्चों को लेकर विकास भवन की सीढि़यों पर बैठे रहे। खलीलाबाद से आई अन्नपूर्णा ने कहा कि उन्हें वापस भी जाना है, लेकिन घंटों इंतजार के बावजूद काउंसलिंग शुरू नहीं हुई।
बीएसए अमित कुमार सिंह का कहना है कि सोमवार को संपूर्ण समाधान दिवस था। इसमें व्यस्तता के कारण थोड़ा विलंब हुआ है। हालांकि बाद में काउंसलिंग की प्रक्रिया कराई गई।