गोंडा। जिले की पुलिस बाल व महिला अपराधों पर पूर्ण नियंत्रण के लिए अभियान चलाएगी। इसमें सोशल सिस्टम से पुलिस गांवों से फीड बैक लेगी। इसके साथ ही महिला व बाल अपराध के मामलों की गहराई से छानबीन होगी।
अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने थानों में गठित सेल के कर्मियों के साथ बैठक कर हर बिंदु पर चर्चा की। मानसिक रोग विभाग की डॉ. रंजना गुप्ता ने अपराधों में लोगों की मानसिकता के बारे में बताया। ऐसे लोगों की काउंसिलिंग व जागरूकता के बारे में बताया।
अपर पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में बाल किशोर पुलिस इकाई की बैठक में महिला हेल्प डेस्क पर तैनात महिला पुलिस कर्मियों से संवाद कायम हुआ। पुलिस कर्मियों को प्राथमिक चिकित्सा के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। रिजर्व पुलिस लाइन गोंडा सभागार में अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने संचालित किए जा रहे अभियान के बारे में जानकारी दिया।
किशोर न्याय बोर्ड, स्वास्थ्य विभाग, बाल कल्याण समिति, श्रम विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड लाईन, जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट, आशा ज्योति केन्द्र, विधिक सेवा प्राधिकरण, संयुक्त निदेशक अभियोजन, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, थानों पर गठित बाल कल्याण समिति के अधिकारी/कर्मचारी व महिला हेल्प डेस्क के अधिकारियों व कर्मचारियों ने अपने स्तर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
अपर पुलिस अधीक्षक ने बालकों के विरुद्ध हो रहे अपराधों में की जा रही कार्यवाहियों व बाल किशोरों के खिलाफ पंजीकृत मामलों की विवेचनाओं की समीक्षा भी किया। पीड़ित बालकों से संबंधित सूचनाओं को गंभीरता से लेने व दोषियों के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के तहत अविलंब कार्यवाही करने पर जोर दिया।
इसके साथ ही बालकों को नियमानुसार अपने संरक्षण में लेकर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के बारे में बताया। इसके साथ ही बालश्रम व भिक्षावृत्ति की रोकथाम एवं समस्त थानों पर लंबित गुमशुदगी व धारा 363 आईपीसी के प्रकरणों में अभियान चलाकर कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
महिला हेल्पडेस्क पर तैनान महिला पुलिस कर्मियों को निर्देशित किया कि पीड़ित से संबंधित कोई भी सूचना प्राप्त होती है तो उस पर तत्काल सूचना दर्ज कर आवश्यक कार्यवाही करायें। मिशन शक्ति अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा महिला हेल्प डेस्क पर तैनात महिला पुलिस कर्मियों को प्राथमिक चिकित्सा के बारे में भी बताया गया।