मेडिकल कॉलेज में सी आर्म मशीन की मरम्मत के लिए निरीक्षण करते इंजीनियर। स्रोत: विभाग
गोंडा। मेडिकल कॉलेज में 11 दिन से हड्डी के मरीजों का ऑपरेशन नहीं हो रहा है। आर्थो सर्जरी के लिए सबसे जरूरी सी आर्म मशीन 25 सितंबर से खराब है। प्रतिदिन पांच से सात मरीजों को ऑपरेशन के लिए अक्तूबर के दूसरे सप्ताह की तारीख दी जा रही है। अधिकांश मरीज मजबूरी में निजी अस्पतालों में ऑपरेशन कराने को मजबूर हो रहे हैं।
जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज का दर्जा मिलने के बाद डॉक्टर व मरीजों की संख्या बढ़ी है, लेकिन पुराने उपकरण आए दिन दगा दे जाते हैं। मेडिकल कॉलेज में हड्डी रोग विशेषज्ञ के पद पर सात चिकित्सकों की तैनाती है। इनमें चार असिस्टेंट प्रोफेसर व तीन सीनियर रेजीडेंट हैं। प्रतिदिन पांच से सात मरीजों का ऑपरेशन होता था, लेकिन 25 सितंबर से मरीजों को मशीन खराब होने का हवाला देकर अक्तूबर के दूसरे सप्ताह की तारीख दी जा रही है।
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी ने बताया कि ओटी में लगी सी आर्म मशीन खराब होने की सूचना मिली थी। मशीन की मरम्मत के लिए प्रधानाचार्य को प्रस्ताव भेजा गया है। संबंधित फर्म के इंजीनियरों ने निरीक्षण कर मरम्मत का प्रस्ताव तैयार किया है। जल्द ही मशीन की मरम्मत हो जाएगी।
इसलिए जरूरी है ये मशीन
मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण मिश्र ने बताया कि सी आर्म मशीन एक एडवांस वर्जन की एक्सरे टाइप की मशीन होती है। इसकी स्क्रीन पर हड्डी की रियल टाइम स्थिति को देखा जा सकता है। हड्डी या राॅड अपने सही स्थान पर लगा है या नहीं, इसी मशीन से पता चलता है।