नवाबगंज (गोंडा)। पहली गांव निवासी मौरंग व्यवसायी अंकित कुमार यादव का सोमवार को दिनदहाड़े अपहरण कर लिया गया। आरोपियों ने खुद को एसटीएफ का पुलिसकर्मी बताकर थार गाड़ी से अगवा करके पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी। करीब 24 घंटे तक गाड़ी में बंधक बनाकर घुमाते रहे। बाद में दो लाख रुपये वसूलकर उन्हें मसकनवां गोशाला के पास छोड़कर भाग गए।
पीड़ित अंकित की पत्नी सुशीला देवी के अनुसार सोमवार दोपहर करीब 12 बजे काले रंग की थार गाड़ी उनके घर के सामने आकर रुकी। उसमें सवार एक युवक ने अंकित को कटरा शिवदयालगंज चलने के लिए कहा। अंकित ने कहा कि वह अपनी बाइक से आ जाएंगे। इसके बाद वह बाइक से निकले, लेकिन अकबरपुर गांव के चौराहे के पास पहुंचते ही उनकी बाइक सड़क किनारे खड़ी कराकर थार से अपहरण कर लिया गया।
अंकित ने बाद में सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करके बताया कि दो मार्च को एक दोस्त ने फोन करके नई थार खरीदने की बात कहते हुए पार्टी के लिए बुलाया था। वह अयोध्या जाने की तैयारी में थे, इसलिए नहीं गए। दोबारा फोन आने पर बाइक से मिलने पहुंचे। वहां पहुंचते ही उनकी बाइक खड़ी कराकर उन्हें जबरन थार में बैठाकर परसरामपुर की ओर ले जाया गया। रास्ते में पेट्रोल पंप पर दो और लोग गाड़ी में बैठ गए।
अंकित के मुताबिक सभी ने खुद को एसटीएफ का पुलिसकर्मी बताते हुए असलहे के बल पर धमकाते हुए पांच लाख रुपये की मांग की। कुछ देर बाद उनके दो और साथी पहुंच गए। जान के डर से अंकित ने अपने एक परिचित से दो लाख रुपये मंगवाकर उन्हें दे दिए, लेकिन इसके बाद भी उन्हें छोड़ने के बजाय करीब 24 घंटे तक गाड़ी में बंधक बनाकर इधर-उधर घुमाते रहे। बाद में मसकनवां गोशाला के पास उन्हें छोड़कर चले गए। अंकित ने वीडियो में पुलिस-प्रशासन से अपने और परिवार की सुरक्षा की मांग भी की है। पुलिस ने अंकित से पूछताछ करने के बाद मेडिकल कराकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
एएसपी (पश्चिमी) राधेश्याम राय ने बताया कि मौरंग व्यवसायी की पत्नी की तहरीर पर पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। अपहरण के कुछ ही घंटों बाद अंकित मसकनवां गोशाला के पास सकुशल मिल गए थे। आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।