गोंडा। खेत जाते समय जेठ ने महिला की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी मौके से भाग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने छानबीन कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसपी विनीत जायसवाल समेत अन्य अधिकारियों ने मौका मुआयना कर पूरे मामले की जानकारी ली। पता चला कि हत्या का आरोपी जेठ साल 1992 में भी गांव की एक महिला की हत्या कर चुका है।
छपिया थाना क्षेत्र के सिसई रानीपुर गांव निवासी बजरंगी प्रजापति की पत्नी आशा (45) शुक्रवार भोर घर से खेत जा रही थीं। वह घर से 100 मीटर दूर सड़क पर पहुंची थीं तभी पीछे से पहुंचे उनके जेठ रामअवतार उर्फ खुड़बुड़ ने धारदार हथियार से गले पर वार कर दिया। जिससे गंभीर रूप से घायल आशा की मौके पर ही मौत हो गई। आसपास के ग्रामीणों के शोर मचाने पर रामअवतार भाग गया। सूचना पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी मनकापुर आरके सिंह व छपिया थानाध्यक्ष कृष्णगोपाल राय ने घटनास्थल का निरीक्षण कर उच्चाधिकारियों को सूचना दी। फॉरेंसिक टीम व डॉग स्क्वायड बुलाकर साक्ष्य एकत्र किए गए।
एसपी विनीत जायसवाल ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। थानाध्यक्ष ने बताया कि मृतका का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। वहीं, आरोपी की तलाश में पुलिस टीम लगाई गई है। अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) मनोज कुमार रावत ने बताया कि मृतका के पति बजरंगी प्रजापति की तहरीर पर आरोपी रामअवतार उर्फ खुड़बुड़ के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
आशा की हत्या करने के आरोपी रामअवतार उर्फ खुड़बुड़ ने वर्ष 1992 में गांव के ही बंशी गुप्ता की पत्नी बसंती की हत्या कर दी थी। चार साल पहले वर्ष 2020 में रामअवतार जेल से छूटकर आया था। इन दिनों वह गांव में ही रह रहा था। हत्यारोपी रामअवतार उर्फ खुड़बुड़ की शादी नहीं हुई थी। वर्तमान में उसकी उम्र करीब 65 साल है। अब एक बार फिर उसने महिला की हत्या क्यों की, इसको लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चा है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
घटना से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और परिजनों में कोहराम मचा है। आशा का शव देखकर पति बजरंगी बदहवास हैं। मृतका का बड़ा बेटा प्रदीप दिल्ली में काम करता है और छोटा बेटा संदीप घर पर रहता है।