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UP News: इस बात पर भड़के बृजूभषण शरण सिंह, कांग्रेस के लिए कर दी भविष्यवाणी; बजरंग पूनिया पर लगाया गंभीर आरोप

Sun, 17 Nov 2024 06:50 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, गोंडा

सार

बृजूभषण शरण सिंह भड़के तो उन्होंने कांग्रेस के लिए भविष्यवाणी कर दी। बजरंग पूनिया पर गंभीर आरोप लगाया। आगे पढ़ें और जानें पूरी बात...
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पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने बजरंग पूनिया को आड़े हाथों लिया। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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यूपी के गोंडा में भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष व पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का दर्द छलका। कहा कि भारतीय कुश्ती की दुनिया में धाक थी। लेकिल, अब कुश्ती दुर्भाग्य के दौर से गुजर रही है। उन्होंने दिल्ली में धरना देने वाले पहलवानों को आड़े हाथों लिया।

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कहा कि जब इन लोगों ने धरना दिया तो कहते थे कि कुश्ती बचाने आए हैं। अब हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कुश्ती रोकने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने पहलवान बजरंग पूनिया द्वारा भारतीय कुश्ती संघ को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल की गई याचिका पर अपनी बात कही।

देश की कुश्ती लगातार बर्बाद हो रही

उनका साफ संकेत था कि ऐसा करके लोग कुश्ती खेलने वाले युवाओं की तरक्की में बाधा बन रहे हैं। नवाबगंज के विश्नोहरपुर स्थित अपने आवास पर पूर्व सांसद ने लोगों से बातचीत की। कहा कि यह लोग पूरी देश की कुश्ती को खत्म करना चाहते हैं। बजरंग पूनिया कांग्रेस के नेता है। देश की कुश्ती लगातार बर्बाद हो रही है। 

प्रतिभाग करने वाले बच्चे प्रमाण पत्र पाते हैं
कांग्रेस को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इससे पहले साक्षी मलिक के पति सत्यव्रत कादयान ने याचिका डाली थी। लेकिन, कुश्ती विश्व चैंपियनशिप में शामिल होने गईं और मेडल लेकर आईं। बताया कि अब नेशनल कुश्ती होनी है। इसमें प्रतिभाग करने वाले बच्चे प्रमाण पत्र पाते हैं। वह नौकरी में काम आता है। अब इन्हें रोकने के लिए एक याचिका दाखिल की गई है।

उन्होंने कहा कि भारतीय कुश्ती महासंघ ही प्रतियोगिता कराता है और वहीं खिलाड़ियों का चयन ट्रायल कराता है। हाईकोर्ट ने नेशनल चैंपियनशिप के आयोजन पर रोक नहीं लगाया है और सुनवाई के लिए तारीख दी है। बताया कि दो वर्ष से कैंप नहीं चल रहा है।
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पहलवानों से उनका हक न छीनें

यदि लखनऊ में कैंप नहीं चल सकता तो महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश व राजस्थान में लगवाएं। लेकिन, भविष्य के पहलवानों से उनका हक न छीनें। उन्हें आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए। कहाकि कैंप न लगने से नई पीढ़ी को अवसर नहीं मिल रहा है, जो देशहित में नहीं है।
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