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UP: पूर्व सांसद बृजभूषण बोले- राम मंदिर की सुरक्षा राष्ट्रपति भवन जैसी हो, पूरी अयोध्या बंद करना उचित नहीं

Sun, 05 Jul 2026 05:34 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या

सार

पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री आवास और संसद की तर्ज पर होनी चाहिए, लेकिन पूरी अयोध्या को बैरियर लगाकर बंद करना उचित नहीं है।
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पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कैसरगंज के पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने रविवार को अपने पैतृक आवास विश्नोहरपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए श्री राम जन्मभूमि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री आवास और संसद की तर्ज पर होनी चाहिए, लेकिन पूरी अयोध्या को बैरियर लगाकर बंद करना उचित नहीं है।

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उन्होंने कहा कि अयोध्या में आज भी कई स्थानों पर, विशेषकर रंग महल मंदिर के आगे, बैरियर लगे हुए हैं। उनका आरोप था कि ये बैरियर रंग महल मंदिर को कब्जे में लेने की मंशा से लगाए गए थे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पहले भी वह आवाज उठा चुके हैं और अब मामले की जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद ही वह इस पर विस्तार से अपनी बात रखेंगे।

पूर्व सांसद ने कहा कि वह अयोध्या की हर गली और वहां के मुद्दों से भलीभांति परिचित हैं तथा पिछले चार से छह वर्षों से इस संबंध में प्रशासन के समक्ष लगातार अपनी बात रखते रहे हैं। उन्होंने कहा कि जांच लंबित होने के कारण इस समय टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
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सुरक्षा व्यवस्था पर अपनी राय रखते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्रधानमंत्री आवास या संसद के आसपास सामान्य आवागमन पूरी तरह बंद नहीं किया जाता, बल्कि केवल विशेष अवसरों पर कुछ समय के लिए यातायात रोका जाता है, उसी प्रकार अयोध्या में भी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा आवश्यक है, लेकिन अनावश्यक बैरियर लगाकर पूरे शहर को बाधित करना उचित नहीं है।

यौन शोषण के मामले में अदालत में फैसला सुरक्षित होने के संबंध में पूछे गए सवाल पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब निर्णय सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि यदि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं तो वह फांसी तक की सजा स्वीकार करेंगे। साथ ही उन्होंने दावा किया कि आरोप लगाने वाले घटना का समय, वर्ष, तारीख और स्थान तक स्पष्ट नहीं बता सके हैं। उन्होंने कहा कि अब पूरा मामला न्यायपालिका के विचाराधीन है और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।
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