बिजली दफ्तर में निर्माणाधीन बाउंड्रीवाल का काम संतोषजनक न पाए जाने पर रविवार को पावर कॉर्पोरेशन से आए सिविल विंग के अधिकारियों ने अपने सामने सात स्पैन की बाउंड्रीवाल को ध्वस्त करा दिया। आरोप है कि जिस कार्यदायी संस्था को बाउंड्रीवाल के निर्माण का काम सौंपा गया था।
मुख्य अभियंता हर्ष मुंशी की जांच में उसके द्वारा बनाई गई बाउंड्रीवाल में ईंटों से लेकर मसाले तक की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई। इसको चीफ इंजीनियर हैडिल एसके शाह के आदेश पर रविवार को ढहा दिया गया।
बिजली दफ्तर में मरम्मती ट्रांसफार्मरों के रखरखाव के लिए पावर कॉर्पोरेशन अलग से एक शेड का निर्माण करवा रहा है। इसके लिए परिसर में काफी दूरी तक बाउंड्रीवाल उठाई जा रही है। इस बाउंड्रीवाल में घटिया ईंटों के साथ ही गुणवत्ताहीन मसाले का प्रयोग किया जा रहा है।
इसकी शिकायत पर गुरुवार को मुख्य अभियंता देवीपाटन क्षेत्र हर्ष मुंशी ने छापेमारी कर इसकी ईंटों को कब्जे में ले लिया था। साथ ही पूरे प्रकरण से चीफ इंजीनियर हैडिल एसके शाह को अवगत कराते हुए उनसे मामले में त्वरित कार्रवाई को कहा था। अमर उजाला ने इसकी खबर शुक्रवार के अपने अंक में घटिया निर्माण में जेई से एसई तक सब तलब शीर्षक से प्रकाशित की थी।
शनिवार को इसी सिलसिले में गोंडा आए पावर कॉर्पोरेशन के सिविल विंग में तैनात एक्सईएन जेएस पांडेय, एसडीओ रोशन कुमार ने पहले तो निर्माणाधीन बाउंड्रीवाल में प्रयुक्त ईंटों के साथ ही उसके मसाले के गुणवत्ता की जांच की। इसके बाद उसका सैंपल लेकर गुणवत्ता से परे बनाई गई बाउंड्रीवाल को रविवार की सुबह ढहा दिया।
एक्सईएन जेएस पांडेय ने बताया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जो कार्यदायी संस्था बाउंड्रीवाल का निर्माण कार्य कर रही थी। उसे कई बार इसके लिए चेतावनी भी दी गई। इसके बावजूद उसने निर्माण की गुणवत्ता को मेंटेन नहीं किया। इसीलिए बाउंड्रीवाल को ढहा दिया गया है। साथ ही ठेकेदार को नए सिरे से बाउंड्रीवाल बनाने के आदेश दिए गए हैं।