फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरयू में उफान, पलायन करने लगे गांव वासी

विज्ञापन
विज्ञापन
करनैलगंज (गोंडा)। सरयू (घाघरा) में छोड़े गए विभिन्न पहाड़ी नालों व बैराजों के पानी से घाघरा का जलस्तर इस वर्ष के सबसे शीर्ष ऊंचाई पर पहुंच गया है। देर रात तक घाघरा में पानी का बढ़ना तेजी से जारी रहा। घाघरा का पानी गुरुवार की देर शाम तक 80 सेंटीमीटर के ऊपर पहुंच चुका है। जिससे नदी और बांध के बीच टकराव शुरू हो गया है। नदी की कटान से बांध को बचाने के लिए लगाई गई परखोपाइन पानी में डूब गई। नदी का पानी मैदानी इलाकों में तेजी से भरना शुरू हो गया है।
विज्ञापन

यह अनुमान लगाया जा रहा है कि शुक्रवार की सुबह तक नकहरा गांव पूरी तरह जलमग्न हो जाएगा। इसके अलावा नैपुरा, परसावल एवं माझा रायपुर पूरी तरह जलमग्न हो चुका है। एल्गिन चरसडी बांध के माप के अनुसार 3 लाख 55 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो रहा था। अनुमान लगाया जा रहा है कि शुक्रवार को पानी की बढ़त जारी रहेगी। घाघरा नदी अपने उफान पर आने के साथ-साथ सीधे बांध से टकराने लगी है। ग्राम बांसगांव के पास नदी का जलस्तर जितना ऊंचे जा रहा है उसके हिसाब से बनाए गए स्पर डूबने लगे हैं। प्रशासन ने बांध के आसपास के गांवों को खाली कराने का काम शुरू कर दिया है। सिंचाई विभाग द्वारा किये जा रहे दावे के अनुसार इस बार घाघरा नदी एल्गिन-चरसड़ी तटबंध को कोई हानि नहीं पहुंचा पायेगी।
गुरवार की सुबह 6 बजे एल्गिन ब्रिज पर ली गई माप के अनुसार नदी का जल स्तर 106.626 रहा। जो 10 बजे बढ़कर 106.716 व दिन में 12 बजे 106.776 हो गया। जो देर शाम को 106.816 पर पहुंच गया। इसके साथ ही पानी के बढ़ने का सिलसिला तेज चल रहा है। जिससे नदी से निकल कर बाढ़ का पानी नाले के रास्ते ग्राम नकहरा के मजरा पुहिल पुरवा, मोछारन पुरवा व राधे पुरवा के चारो तरफ भर गया है। यदि इसी तरह जल स्तर बढ़ता रहा तो शुक्रवार की शाम तक नकहरा गांव के सभी मजरे प्रभावित हो जायेंगे। वहीं माझा रॉयपुर, परसाबल, नैपुरा पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है। बांध से वापस अपने घर लौटने वाले लोग पुन: अपने परिवार के साथ सुरक्षित स्थान पर पहुंच रहे हैं। एसडीएम ज्ञानचन्द्र गुप्ता, तहसीलदार बृजमोहन व राजस्व कर्मचारी गांव पहुंचे। जहां एनाउंसमेंट व डुग्गी पिटवा कर लोगों को सुरक्षित स्थानों की तरफ जाने के लिए प्रेरित करते रहे। बाढ़ चौकी गौरा सिंहपुर, पालहापुर एवं प्राथमिक विद्यालय नकहरा को शरण स्थल के रूप में बनाया गया है। जहां गांव के लोग अपने मवेशियों को लेकर आने लगे हैं।
विज्ञापन

इसके अलावा प्रशासन ने सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर के वहां राजस्व कर्मचारियों के साथ-साथ अन्य विभाग के कर्मचारियों को भी तैनात कर दिया है। एसडीएम का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट पर रहने के लिए कहा गया है और लगातार बांध पर निगरानी कराई जा रही है। एसडीएम ज्ञानचन्द गुप्ता ने बताया कि नदी का जल स्तर बढ़ रहा है। जिसे देखते हुये क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को किसी तरह की कोई समस्या नहीं होने दी जायेगी। उन्होंने बताया कि बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारी पूर्व में ही की जा चुकी है। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता एमके सिंह ने बताया कि जल स्तर बढ़ने घटने से बांध को कोई खतरा नही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें