गोंडा। यूपी बोर्ड की 16 फरवरी से शुरू हो रही परीक्षाओं की तैयारी पूरी हो गई है। जिलाधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार ने सोमवार को जिला पंचायत सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की और स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी दशा में नकल बर्दाश्त नहीं होगा। परीक्षा की निगरानी के लिए जिले को नौ जोन व 25 सेक्टर में बांटा गया है। छह सचल दलों का भी गठन किया है। सभी 143 केंद्रों पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे। उन्होंने सभी को उनकी जिम्मेदारी बताई।
यूपी बोर्ड की परीक्षा में इस बार 92 हजार परीक्षार्थी हैं, जो 143 केंद्रों के 2,326 कक्षों में परीक्षा देंगे। पांच हजार शिक्षकों की ड्यूटी कक्ष निरीक्षक के रूप में लगेगी। प्रत्येक कक्ष में सीसीटीवी से निगरानी होगी। केंद्रों पर डबल लॉक वाली आलमारी में प्रश्नपत्र रखे जा रहे हैं। ये आलमारी 24 घंटे सीसीटीवी की निगरानी में रहेगी।
बोर्ड परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले हर केंद्र में बने स्ट्रांग रूम को स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक और बाह्य केंद्र व्यवस्थापक की उपस्थिति में खोला जाएगा। परीक्षा खत्म होने के एक घंटे बाद बंद किया जाएगा।
बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने नकल रोकने के लिए तैयार की गई रणनीति के बारे में बताया। डीएम ने कहा कि जिला अति संवेदनशील है, ऐसे में ड्यूटी पर नियुक्त अधिकारी पूरी सतर्कता से जिम्मेदारी निभाएं।
परीक्षा के दौरान मेधावी छात्र-छात्राओं की उत्तर पुस्तिकाओं में हेरफेर रोकने के लिए कदम उठाए हैं। इस बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2023 की कॉपियों पर बार कोड और मोनोग्राम भी है। पूर्व में कॉपियां स्टेपल होने के कारण मुख्य पृष्ठ निकालकर दूसरी कॉपी से बदलना आसान होता था। नकल माफिया कमजोर या नकल के सहारे पास होने वाले परीक्षार्थियों से रुपये लेकर उनकी कॉपी मेधावी बच्चों की उत्तर पुस्तिकाओं से बदल देते थे। इसे देखते हुए बोर्ड ने दो साल पहले दस जिलों में सिलाई वाली कॉपी भेजने का प्रयोग शुरू किया था। क्योंकि सिलाई को खोला नहीं जा सकता और मुख्य पृष्ठ फाड़ने पर चोरी पकड़ी जाएगी।
परीक्षा में नकल के आरोप में पकड़े गए छात्रों की कॉपी केंद्र व्यवस्थापकों को उसी दिन रजिस्टर्ड डाक या विशेष वाहक से बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय गोरखपुर भेजनी होगी। नकल करते पकड़े जाने पर सचल दल आरोपी छात्र की कॉपी व नकल सामग्री (नकल चिट, मोबाइल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मूल रूप में) लेकर उसे प्रश्नपत्र नये सिरे से हल करने के लिए दूसरी उत्तर पुस्तिका देते हैं। पेपर खत्म होने के बाद पहली कॉपी, नकल सामग्री और दूसरी कॉपी को सीधे क्षेत्रीय कार्यालय भेजी जाएगी।