गोंडा। बोर्ड की परीक्षाएं गुरुवार को 143 केंद्रों पर हुईं, नकल का एक भी मामला सामने नहीं आया। दोनों पालियों में हुई परीक्षा में 7650 परीक्षार्थियों ने हिंदी की परीक्षा छोड़ दी है। पहले दिन हाईस्कूल में हिंदी के 4439 व इंटरमीडिएट के 3211 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। पहली पाली में हई हिंदी की परीक्षा के दौरान ओएमआरशीट के प्रयोग से दिक्कतें आईं, लेकिन इसे संभाल लिया गया। जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार समेत सचल दल की चार टीमों ने केंद्रों का निरीक्षण कर परीक्षा का जायजा लिया। परीक्षा पूरी तरह से शांतिपूर्ण रही।नकलविहीन बोर्ड परीक्षा को लेकर माध्यमिक शिक्षा विभाग व जिला प्रशासन ने पहले से ही तैयारी कर रखी है। परीक्षा केंद्रों को सीसीटीवी कैमरे, वॉयस रिकॉर्डर व राउटर से लैस किया गया है। परीक्षा की निगरानी के लिए जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट और चार सचल दल के अलावा परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे। इस सख्ती का असर परीक्षा के पहले दिन केंद्रों पर भी साफ नजर आया। परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की सघन तलाशी ली गई। सुबह की पाली में हाईस्कूल हिंदी की परीक्षा में कुल 53,327 परीक्षार्थियों को शामिल होना था, लेकिन सख्ती के चलते 4439 परीक्षार्थियों ने हिंदी की परीक्षा छोड़ दी। पहली पाली में ही इंटरमीडिएट की सैन्य विज्ञान की परीक्षा भी हुई, जिससे 168 परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे। इसी तरह दूसरी पाली में हुई इंटरमीडिएट की हिंदी की परीक्षा में पंजीकृत 39191 परीक्षार्थियों में से 3043 परीक्षार्थी परीक्षा देने नहीं पहुंचे।
जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि143 स्कूलों को बोर्ड परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इस परीक्षा में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के 92,518 परीक्षार्थियों को शामिल होना था, लेकिन पहले दिन दोनों पालियों में 7650 परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि पहले दिन परीक्षा पूरी तरह से शांतिपूर्ण रही। जिलाधिकारी डाॅ. उज्जवल कुमार ने बोर्ड परीक्षा के पहले दिन राजकीय इंटर काॅलेज व शहीदे आजम सरदार भगत सिंह इंटर काॅलेज में पहुंचकर परीक्षा का निरीक्षण किया। डीएम ने दोनों केंद्रों पर ड्यूटी कर रहे कक्ष निरीक्षकों की आईडी चेक की और केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के निर्देश दिए।
कंट्रोल रूम से परीक्षा केंद्रों पर रखी नजर
बोर्ड परीक्षा की निगरानी के लिए स्कूलों में सीसीटीवी के अलावा जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है। परीक्षा केंद्र में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों को इस कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है। यहां तैनात अफसर परीक्षा केंद्रों की निगरानी करते रहे। जनता इंटर कॉलेज कौड़िया से आवाज स्पष्ट न आने पर कंट्रोल रूम से केंद्र व्यवस्थापक को फोन कर राउटर को ठीक कराया गया। वहीं आठ केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट के समय से न पहुंचने की भी शिकायत आई। इन मजिस्ट्रेटों को फोन कर चेताया गया। इसके अलावा कुछ केंद्रों पर ओएमआर शीट वितरण में दिक्कत आने पर व्यवस्था को सुचारू किया गया। एक केंद्र पर जूता- मोजा उतारकर तलाशी लिए जाने की भी शिकायत आई। हालांकि जानकारी हुई कि तलाशी के बाद परीक्षार्थियों को जूता-मोजा पहनने दिया गया।
परीक्षार्थी बोले- प्रश्नपत्र में था बदलाव, लेकिन हल कर लिया पेपर
करनैलगंज (गोंडा)। हाईस्कूल की पहले दिन परीक्षा देने वाले छात्रों ने कहा कि काफी बदलाव दिखा। शिवानी का कहना है इसके पूर्व जो प्रश्नपत्र आते थे उससे इस बार बिल्कुल अलग है। पाठ्यक्रम में शामिल प्रश्न आए। जिससे हल करने में कोई दिक्कत नहीं हुई।
बिट्टू देवी का कहना है कि प्रश्नपत्र और परीक्षा को लेकर की गईं व्यवस्थाएं दोनों सही थे। पहली बार परीक्षा में बैठने से डर लग रहा था मगर प्रश्नपत्र अच्छा होने से सभी प्रश्नों के जवाब लिखे गए। छात्रा बुशरा खातून का कहना है इस वर्ष बोर्ड की परीक्षाएं पूरी तरह पारदर्शी हैं जो काॅलेज में पढ़ाया गया था वही प्रश्नपत्र में आया। छात्र अभिषेक शुक्ला का कहना है परीक्षा में किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई।
छात्र रमन पांडे बताते हैं कि इस बार परीक्षा केंद्रों का निर्धारण सही हुआ है और सख्ती होने से पढ़ने वाले परीक्षार्थियों के लिए बोर्ड परीक्षा में योग्यता को साबित करने का बेहतर अवसर मिला है। वहीं मनकापुर के पंकज निषाद, छात्रा रीमा प्रजापति व रंजू वर्मा ने भी कहा कि प्रश्नों ने उलझाया लेकिन पेपर सही हुआ है।