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Gonda News: ब्लड बैंक को फिर मिली 63 लाख की एफेरेसिस मशीन

Tue, 21 Jan 2025 11:24 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा। महाराजा देवीबख्श सिंह चिकित्सा महाविद्यालय के ब्लड बैंक में 63 लाख रुपये की एफेरेसिस मशीन दोबारा भेजी गई है। एक साल पहले खरीदी गई एफेरेसिस मशीन बिना इंस्टॉल हुए ही इलाहाबाद भेज दी गई थी। मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से उजागर किया था।
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महानगरों की तर्ज पर महाराजा देवीबख्श सिंह चिकित्सा महाविद्यालय के ब्लड बैंक को हाईटेक बनाने की कवायद शुरू की गई थी। मेडिकल सप्लाइज काॅर्पोरेशन की ओर से फरवरी 2024 में अत्याधुनिक एफेरेसिस मशीन भेजी गई थी, लेकिन मेडिकल कॉलेज के जिम्मेदार करीब एक साल तक मशीन को इंस्टॉल तक नहीं करा सके। प्रयोग न होने पर इस मशीन को प्रयागराज भेज दिया गया। विभाग की इस लापरवाही की खबर विगत 15 जनवरी के अंक में 'प्रयागराज भेजी गई एफेरेसिस मशीन' शीर्षक से प्रकाशित की गई। तब आनन-फानन दूसरी मशीन के लिए डिमांड की गई। मंगलवार को काॅर्पोरेशन की ओर से 63 लाख रुपये की मशीन फिर से भेजी गई।
ब्लड बैंक केप्रभारी डॉ. चेतन पराशर ने बताया कि एफेरेसिस इंस्टॉल करने के लिए जरूरी क्षेत्रफल का चयन कर प्राचार्य को सूचना भेजी जाएगी। जल्द ही मशीन इंस्टॉल की जाएगी।
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खून से सीधे निकाला जा सकेगा प्लेटलेट्स व प्लाज्मा

अभी तक प्लेटलेट्स व प्लाज्मा निकालने के लिए पहले रक्तदाता के शरीर से होल ब्लड निकाला जाता है। उसके बाद ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन से प्लेटलेट्स व प्लाज्मा को अलग किया जाता है। इस प्रक्रिया में ज्यादा समय लगता है। अब एफेरेसिस मशीन के जरिए शरीर से जरूरी मात्रा में प्लेटलेट्स व प्लाज्मा निकाला जा सकता है। डोनर को ड्रिप लगाने के साथ मशीन के सेंट्रीफ्यूज से जोड़ा जाता है, जो शरीर से रक्त को खींचती है तथा आवश्यक तत्वों को लेकर फिर से रक्त शरीर में डाल देती है। जिससे बिना खून निकाले ही मरीज के शरीर से प्लेटलेट्स व प्लाज्मा निकाला जा सकता है।
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