उतरौला कोतवाली क्षेत्र के एक प्रापर्टी डीलर की गुमशुदगी के मामले में आरोपी स्थानीय ब्लॉक प्रमुख का नारको टेस्ट होगा। लापता प्रापर्टी डीलर के पिता की याचिका पर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने संबंधित ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट (तृतीय) लखनऊ एवं मामले के विवेचक को आदेशित किया है कि यदि मामले में जरूरत हो तो आरोपी का नारको टेस्ट व लाई डिटेक्टर टेस्ट कराया जाए।
मालूम हो कि गोकुलामाफी निवासी प्रापर्टी डीलर अफसर अली विगत आठ मई को लखनऊ के अमीनाबाद इलाके से संदिग्ध हालात में लापता हो गए थे। अफसर अली के पिता ने लखनऊ की अमीनाबाद कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसके साथ ही उन्होंने अपने पुत्र अफसर अली के पार्टनर एवं उतरौला ब्लॉक प्रमुख हबीबुल हसन उर्फ लकी खां पर अपहरण का संदेह व्यक्त किया था। मामले में तफ्तीश में लखनऊ पुलिस द्वारा लेटलतीफी करने पर अफसर अली के पिता ने हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में अपील दायर की।
जिस पर हाईकोर्ट ने जेएम (तृतीय) लखनऊ एवं मामले के विवेचक को केस में आवश्यकतानुसार नारको टेस्ट तथा लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने का आदेश दिया है। इस पर जेएम तृतीय लखनऊ ने विवेचक को संदेह के आधार पर उतरौला ब्लॉक प्रमुख हबीबुल हसन उर्फ लकी खां का नारको टेस्ट व लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने का निर्देश दिया है।
वहीं, इस मामले के विवेचक इंद्राज यादव ने बताया कि उन्हें अभी तक आदेश की प्रति नहीं मिली है। आदेश मिलने पर उच्च न्यायालय के आदेश का अनुुपालन कराया जाएगा। वहीं, दूसरी तरफ आरोपी हबीबुल हसन उर्फ लकी खां का कहना है कि वह इस केस में नारको टेस्ट कराने के लिए तैयार हैं। साथ ही साथ उन्होंने शिकायतकर्ता तथा उसके परिवार का भी नारको टेस्ट कराने की मांग की है। ब्लॉक प्रमुख का कहना है कि उनका अफसर अली के लापता होने से कोई लेनादेना नहीं है। उन्हें साजिश के तहत बदनाम किया जा रहा है।