उतरौला में बदहाल सड़कें, ध्वस्त कानून-व्यवस्था, बकाया गन्ना मूल्य, अघोषित विद्युत कटौती एवं हिंदू उत्पीड़न की घटनाओं को लेकर भाजपा का विरोध प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। शनिवार को उतरौला तहसील गेट पर धरना-प्रदर्शन करते हुए भाजपा नेताओं ने प्रदेश की सपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
शासन-प्रशासन के रवैये की निंदा करते हुए भाजपा नेताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन अपर तहसीलदार उतरौला को सौंपा। शनिवार को उतरौला तहसील गेट पर धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाजपा राष्ट्रीय अनुशासन समिति के सदस्य एवं पूर्व सांसद सत्यदेव सिंह ने कहा कि सपा शासनकाल में प्रदेश का विकास पूरी तरह ठप है।
अधिकारी व कर्मचारी सत्ताधारी नेताओं के एजेंट के रूप में काम कर रहे है। पूर्व विधायक धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू ने कहा कि क्षेत्र में सड़क, बिजली आदि की स्थिति ठीक नहीं है। क्षेत्र में विकास की बात महज कागजों तक ही सीमित है। गरीबों व विपक्षी कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न सपा विधायक के इशारे पर किया जा रहा है।
उत्पीड़न के खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्रप्रकाश सिंह गुड्डू एवं उतरौला नगर पालिका अध्यक्ष अनूप चंद्र गुप्ता ने कहा कि उतरौला तहसील में शिक्षा, सड़क एवं स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है। अघोषित विद्युत कटौती से जनता परेशान है।
किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। जिला उपाध्यक्ष प्रताप वर्मा, रामदयाल यादव व शिवंबर मिश्र ने प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ हर स्तर पर संघर्ष करने की बात कही। इस दौरान राजबहादुर यादव, जीवनलाल, महेंद्र प्रताप सिंह, मोतीलाल जायसवाल, सुरेंद्र गुप्ता आदि मौजूद रहे।
धरना-प्रदर्शन के बाद भाजपा नेताओं ने राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन अपर तहसीलदार आरपी वर्मा को सौंपा। ज्ञापन में जर्जर सड़कों का पुनर्निर्माण कराने, ध्वस्त कानून-व्यवस्था में सुधार, 16 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, पुलिस उत्पीड़न पर अंकुश लगाने, किसानों को बकाया मूल्य ब्याज सहित भुगतान कराने आदि मांगें की गई हैं।