रविवार की देरशाम भाजपा से जारी प्रत्याशियों की सूची के बाद जिले में पार्टी के भीतर अंदरूनी कलह मचनी शुरू हो गई है। भाजपा से पूर्व के विधानसभा चुनावों में प्रत्याशी रह चुके महेश नारायण तिवारी ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ हल्ला बोल दिया है।
उनका कहना है कपार्टी को ऊंचाई तक पहुंचाने में उन्होंने 15 साल जीतोड़ मेहनत की, लेकिन जब इसके परिणाम की बात आई तो सेहरा किसी और के सिर बांध दिया। सोमवार को अपने आवास पर बुलाई गई पत्रकार वार्ता में महेश तिवारी ने रो-रो कर अपनी आप बीती सुनाई और कहा कि वह निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। कहा कि जिले को दो सांसदों ने मिलकर छला है।
साल 2017 का विधानसभा चुनाव भाजपा से लडने को लेकर अबकी बार गोंडा सदर सीट से प्रत्याशियों की एक बड़ी फौज खड़ी थी। जिसमें भाजपा से लगातार तीन बार चुनाव लड़ चुके महेश नारायण तिवारी के अलावा कैसरगंज सांसद के पुत्र प्रतीक भूषण शरण सिह, नपाप चेयरमैन निर्मल श्रीवास्तव, अनिरुद्ध शाही, राजेश चंदानी, डा.रंजन शर्मा भी शामिल थे।
लेकिन रविवार की देरशाम जैसे ही पार्टी की अधिकृत सूची प्रत्याशी को लेकर जारी हुई। कैसरगंज सांसद पुत्र प्रतीक भूषण शरण सिंह के खेमे को छोड़ सारी पार्टियों के खेमों में उदासी छा गई। लेकिन महेश नारायण तिवारी को छोड़ किसी भी प्रत्याशी ने न तो अपना कोई विरोध जाहिर किया।
न ही पार्टी आलाकमान के खिलाफ कोई शिकायत ही की। सोमवार को महेश तिवारी ने अपने आवास पर पत्रकार वार्ता बुलाकर सीधे तौर पर पार्टी के आलाकमान को इसका जिम्मेदार ठहराते हुए गोंडा व कैसरगंज के भाजपा सांसदों पर उंगली उठाई है।
महेश ने पार्टी आलाकमान के साथ ही प्रधानमंत्री से पूछा कि आखिर उनमें कौन से ऐसी कमी थी, जिसके कारण उन्हें टिकट न देकर पार्टी ने एक बाहरी को प्रत्याशी बना दिया। भाजपा से गोंडा सदर सीट का टिकट पाए प्रतीप सिंह कैसरगंज से सांसद बृजभूषण शरण सिंह के पुत्र है।
महेश का कहना है कि वह इसका बदला गोंडा व कैसरगंज सांसद से लेकर रहेंगे। इस दौरान वह फूट-फूट कर रोये और कहा कि वह निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे।