कृषि कानूनों के विरोध में सोमवार को ग्राम हिरनोटी में सर्व समाज की हुई पंचायत में एक स्वर से फैसला लिया गया कि गांव में भाजपा के सांसद और विधायकों को नहीं घुसने दिया जाएगा। पूरा गांव भाजपा के जनप्रतिनिधियों के गांव में घुसने का डटकर विरोध करेगा।
कहा गया कि जो जनप्रतिनिधि किसान, मजदूरों की आवाज नहीं उठा सकते उनकी हमें कोई आवश्यकता नहीं है। पंचायत में मौजूद सभी ग्रामीणों ने एक स्वर से किसान आंदोलन को समर्थन देने का एलान करते हुए कृषि कानूनों को किसान, मजदूरों के लिए मौत का फरमान बताया। कहा कि सरकार हम पर कानूनों को जबरन न थोपे। तीनों कृषि कानून जल्द वापस ले। पंचायत में फतेह सिंह, रघुवीर सिंह, ललता प्रसाद, फरियाद अली, अजय सिंह, लाल सिंह, प्रमोद पूर्व प्रधान, प्रथ्वी राज , इस्लाम खान, सुखबीर, कुमरपाल सिंह, जगदीश, सुरेश, राजू, रामवीर, मेघा, देवेंद्र, रिंकू, यशपाल, फौजी, अनूप, रूप सिंह, मोहन सिंह मौजूद रहे।
मजदूर को भी साथ जोडे़गा किसान एकता मंच
किसान एकता मंच के बैनर तले गांधी स्मारक पार्क में जारी किसानों के धरने में निर्णय लिया गया कि किसान व मजदूर एक-दूसरे पर निर्भर हैं। इन कानूनों से किसानों के अलावा मजदूर भी प्रभावित होंगे। आंदोलन के साथ मजदूर वर्ग को जोड़ते हुए हर मजदूर के घर से दस रुपये का अंशदान लेने के साथ ही कृषि कानूनों के दुष्प्रभावों के बारे में अवगत कराने का फैसला हुआ।
वक्ताओं ने कहा कि किसान अपनी स्वेच्छा से कितना भी अंशदान दे सकते हैं। मजदूर को अंशदान देने के लिए प्रेरित करने के पीछे कारण यह है कि जब कोई व्यक्ति आंदोलन में अंशदान देता है तो उसका जुड़ाव बढ़ता है, और उसकी सक्रियता भी बढ़ती है। उधर किसान जागरण यात्रा का क्रम भी जारी है। यात्रा प्रत्येक गांव पहुंच कर लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रही है। वहीं सोमवार को भी किसानों का दिल्ली गाजीपुर सीमा पर जाने का क्रम बना रहा। धरने में वीरू चौधरी, राजा जाट, अंकित ठकुरेला, लोकेश चौधरी, डिगंबर सिंह, रोहताश सिंह, पवन कुमार, श्यामवीर सिंह, हिमांशु कुमार, प्रताप सिंह, अशोक फौजदार, धर्मेंद्र पाइंदापुर, वीरेंद्र ढांड, नवाब सिंह छोंकर, सुरेंद्र प्रधान, महेश भडीरा, सचिन सुबकरा, मनोज भडीरा, सुग्रीव सिंह मौजूद रहे।
गाजीपुर सीमा पर चल रहे आंदोलन के लिए जुटाया चंदा
पिसावा क्षेत्र के गांवों से किसानों का गाजीपुर सीमा चल रहे किसान आंदोलन में पहुंचने का सिलसिला जारी है। वहीं भाकियू नेता गाजीपुर आंदोलन में शामिल किसानों के लिए चंदा भी जुटा रहे हैं। गांव मीरपुर दहोड़ा में ब्लाक अध्यक्ष संदीप चौधरी के नेतृत्व में हुई बैठक में गाजीपुर सीमा पर किसानों के पहुंचने की योजना तैयारी की गई। बैठक में भगत सिंह, विनोद प्रधान, कुंवरपाल सिंह गाेंदौली, यशवीर सिंह, नादान सिंह, ओमपाल सिंह, प्रेम सिंह, हंसराज सिंह, रमेश सिंह, जगवीर सिंह, मुकेश ठेकेदार, मनोज, रवीकरण, कालू नकुल चौधरी शामिल रहे। गांव प्रेमपुर भूरगढ़ी से भी सोमवार को पंडित गोविंद वशिष्ठ के किसान गाजीपुर सीमा के लिए रवाना हुए। गांव शाहपुर रकराना, जलालपुर, डेटा खुर्द से भी कुंवर के नेतृत्व में किसान धरने में शामिल होने गए हैं।