बीती दो अगस्त को भाजपा युवा नेता व एबीवीपी के पूर्व जिला संयोजक रोहित वार्ष्णेय और उनके भाई ललित के साथ कस्बा गोंडा निवासी समुदाय विशेष के लोगों ने मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस पर पीड़ितों ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
बाद में पुलिस ने विरोधी पक्ष की तहरीर पर रोहित, ललित व केके पंडित के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। इसी बात को लेकर विधायक राजकुमार सहयोगी थाने पहुंचे थे। उनका कहना था कि सत्ता पक्ष के कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि गोंडा थाना भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है। विधायक के अनुसार यही बात पुलिस को बुरी लगी और थाना प्रभारी व दो दरोगाओं ने उनसे मारपीट कर दी।
फरियादी व चौकीदार बोले-विधायक ने शुरू की मारपीट
गोंडा। थाना प्रभारी और विधायक के बीच मारपीट के दौरान थाना परिसर में कस्बा निवासी गीता और चौकीदार बत्तनलाल मौके पर मौजूद थे। गीता के अनुसार वह एक मामले में समझौता कराने के लिए थाने पहुंची थीं तभी विधायक ने आते ही थाना प्रभारी की गिरेबान पकड़ते हुए थप्पड़ जड़ दिया। गीता के अनुसार यह देखकर वह सहम गईं। उधर चौकीदार बत्तनलाल का कहना है कि विधायक राजकुमार सहयोगी ने आते ही पहले मुझे गाली दी। साहब (थानाध्यक्ष) थाना परिसर में जन्माष्टमी की तैयारी करा रहे थे। जब साहब ने रोका तो विधायक उनसे भिड़ गए और थप्पड़ जड़ दिए। अन्य लोगों ने आकर दोनों को अलग किया।
सांसद ने समझाकर खुलवाया बाजार
गोंडा कस्बे की अधिकांश दुकानें बंद करने के बाद व्यापारी और भाजपा कार्यकर्ता थाने के गेट पर एकत्र हो गए। उधर इगलास व खैर से पहले ही फोर्स को बुला लिया गया था। जब सांसद सतीश गौतम वहां पहुंचे तो भीड़ ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। थोड़ी देर बाद ही सांसद व विधायक थाने से अलीगढ़ जाने के लिए निकले तो बाहर भीड़ को समझाते हुए सांसद ने कहा कि थाने में किसी भी पुलिस अपराधी को नहीं रुकने देंगे। आप लोग जाकर अपनी दुकानें खोलें। इस पर लोग लौट गए। आधे घंटे बाद ही दुकानें भी खुल गईं।
विवाद देख चले गए खैर विधायक
जिस समय थाना प्रभारी और इगलास विधायक के बीच मारपीट हुई उस समय इगलास विधायक राजकुमार सहयोगी के साथ खैर विधायक अनूप प्रधान भी मौजूद थे। चर्चा है कि इगलास घटना के बाद खैर विधायक वहां से चले गए।
विधायक पद से त्यागपत्र दें सहयोगी: अभय
इगलास विधानसभा क्षेत्र से बसपा के प्रत्याशी रहे अभय कुमार उर्फ बंटी कश्यप ने थाना गोंडा में हुई घटना को लेकर विधायक राजकुमार सहयोगी से नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र देने की मांग की है।
बसपा नेता ने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि गोंडा थाना परिसर में थाना प्रभारी तथा विधायक में हुई कहा सुनी और मारपीट की घटना बहुत ही शर्मनाक घटना है। जब सत्तादल के विधायक आरोप लगाते हुए कह रहे हैं कि थाना प्रभारी और अन्य दो दरोगाओं ने उनसे मारपीट की है तो फिर आम आदमी की कौन सुनेगा? इसका सीधा अर्थ है कि प्रदेश की सरकार पूरी तरह फेल है। ऐसी स्थिति में विधायक राजकुमार सहयोगी को तत्काल नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र दे देना चाहिए।