फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gonda News: यूजीसी पर भाजपा विधायक प्रतीक भूषण भी मुखर

Wed, 28 Jan 2026 12:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
विज्ञापन
प्रतीप भूषण सिंह।
विज्ञापन
गोंडा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए प्रावधान पर हंगामे के बीच गोंडा सदर से भाजपा विधायक प्रतीक भूषण सिंह की एक पोस्ट मंगलवार को सोशल मीडिया पर सुर्खियों में है। यह बयान उस समय आया है जब पूरे देश में विरोध प्रदर्शन चल रहा है। इसे उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है, लेकिन मामले के तूल पकड़ने के बाद विधायक ने अपनी प्रतिक्रिया नहीं दी। वहीं, अक्सर मुखर रहने वाले विधायक के पिता पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने भी इस मसले पर अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं।
विज्ञापन




विधायक ने बिना किसी संगठन का नाम लिए फेसबुक पोस्ट में लिखा है...इतिहास के दोहरे मापदंडों पर गहन विवेचना होनी चाहिए, जहां बाहरी आक्रांताओं और उपनिवेशी ताकतों के अत्याचारों को भुला दिया जाता है, लेकिन भारतीय समाज के कुछ वर्गों को निरंतर ऐतिहासिक अपराधी के रूप में चिह्नित कर वर्तमान में प्रतिशोध का निशाना बनाया जा रहा है। इस टिप्पणी के बाद देवीपाटन मंडल में सियासी हलचल बढ़ गई है। इससे पहले रविवार को पूर्व सांसद बृजभूषण ने यूजीसी मुद्दे पर अध्ययन के बाद ही कुछ कहने की बात कही थी।



विधायक की पोस्ट पर लोग अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे पंकज सिंह, अनुभव व प्रतिभा ने विधायक को टैग कर रिप्लाई किया है कि विधायक ने इशारों-इशारों में बहुत बड़ी बात कही है। इसका दूरगामी परिणाम देखने को मिलेगा। काश इसी तरह से हर सवर्ण भाजपा विधायक भी मुखर हो। कुछ लोगों ने विधायक की पोस्ट पर उनके सांसद भाई करण भूषण को भी नसीहत दी है कि काश आप भी बड़े भाई की तरह मुखर होते...।
विज्ञापन






सामान्य वर्ग ने ज्ञापन सौंपकर जताया विरोध



सामान्य वर्ग के लोगों ने मंगलवार को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन विधायक विनय कुमार द्विवेदी और जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन को सौंपा। आरोप लगाया कि इक्विटी के नाम पर प्रस्तावित नए नियम सामाजिक संतुलन, शैक्षिक निष्पक्षता और सामान्य वर्ग के छात्रों के हितों के प्रतिकूल हो सकते हैं। ये नियम समान अवसर की मूल संवैधानिक भावना के विपरीत हैं और उच्च शिक्षा में असंतोष, भेदभाव और असमानता बढ़ा सकते हैं। पत्र में स्पष्ट किया गया कि शिक्षा में इक्विटी के नाम पर किसी भी वर्ग विशेष के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। ज्ञापन सौंपने के समय स्थानीय लोगों और समाजसेवी उपस्थित रहे। इस दौरान सर्वेश शुक्ल, सरस चंद्र शुक्ल, पिंटू शुक्ल, सुरेंद्रनाथ तिवारी, नरेंद्र तिवारी, राजेश दुबे, दिलीप तिवारी, अजय कुमार, अंकित शुक्ल, पीतांबरधारी मिश्र और जितेंद्र तिवारी भी मौजूद रहे।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें