तरबगंज थाना क्षेत्र के पकड़ी गांव में दलित युवक की हत्या के बाद रविवार को भाजपा विधायक पल्टूराम ने कानून व्यवस्था के सवाल पर एसपी के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन की उदासीनता से दलितों पर अत्याचार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि एक दलित की हत्या कर दी गई और पुलिस आरोपियों की मदद कर रही है। तरबगंज थाना क्षेत्र के पकड़ी गांव में पुरानी रंजिश को लेकर कुछ लोगो ने 4 जून को दलित रमई को सोते समय गोली मार दी थी। लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। रमई की मौत के बाद बलरामपुर सदर से भाजपा विधायक पल्टूराम ने रविवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पुलिस अधीक्षक पर सीधा हमला बोला है।
विधायक का कहना है कि पुलिस अपराधियों पर कार्रवाई करने के बजाय उनसे रिश्वत लेकर दलितों का ही उत्पीड़न कर रही है। विधायक का आरोप है कि दलित रमई की पत्नी ने एक माह पहले आरोपियों के खिलाफ दलित उत्पीड़न का केस दर्ज कराया था लेकिन पुलिस कार्रवाई करने के बजाय मूकदर्शक बनी रही जिससे अपराधी बेखौफ हो गए और रमई की गोली मारकर हत्या कर दी।
विधायक ने गोली मारे जाने की घटना के बाद की गई पुलिसिया कार्रवाई पर भी सवाल खड़ा किया और कहा कि पुलिस अब तक एक भी आरोपी को नही पकड़ सकी है। विधायक ने कहा कि जब कैसरगंज सांसद के निजी सचिव ने इस मामले में एसपी से बात की तो उनका कहना था कि अपने विरोधियों को फंसाने के लिए रमई ने खुद ही गोली मार ली है। विधायक ने कहा कि जो अधिकारी इस तरह की गैर जिम्मेदाराना बात करता हो वह जिला कैसे चला सकता है।
विधायक ने बताया कि सीएम ने उन्हें और सांसद बृजभूषण शरण सिंह को युवक के गांव जाने का आदेश दिया है। वह रमई की विधवा को मुख्यमंत्री के समक्ष ले जाकर पुलिस की करतूत बताएंगे। विधायक ने चेतावनी दी कि पुलिस कर्मियों के खिलाफ जन आंदोलन किया जाएगा।