गोंडा। सहकारिता चुनाव के लिए 11 मार्च से अंतरिम सूची जारी होने के साथ सहकारी समितियों के चुनाव की गहमा-गहमी बढ़ जाएगी। इसके लिए भाजपा ने अभी से सभी 130 समितियों पर कब्जे के लिए सियासी घेराबंदी शुरू कर दी है। साथ ही निष्क्रिय समितियों में भी जान फूंकने की कोशिश की जा रही है।समितियों के चुनावों में भाजपा पूरे दमखम के साथ मैदान में उतरने की तैयारी में है। बूथ अध्यक्ष से लेकर जिलास्तरीय पदाधिकारियों के कंधे पर जिम्मेदारी सौंपी गई है।
भाजपा ने जिला महामंत्री राकेश तिवारी को सहकारिता चुनाव का प्रभारी बनाया है। बीते सोमवार को जिला कार्यालय पर सहकारिता चुनाव को लेकर मंथन किया गया। भाजपा जिलाध्यक्ष अमर किशोर कश्यप ने कहा कि भाजपा सभी वार्डों में अपने डायरेक्टर तय कर चुकी है। बूथ अध्यक्ष की ओर से अपने कार्यकर्ताओं को सदस्य बनाने के लिए अभियान चलाया गया था।
पंचायतों से निर्वाचित डायरेक्टर साधन सहकारी समितियों के अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। जिले के 166 न्याय पंचायतों में 161 साधन सहकारी समितियां हैं, जिनमें से 144 समितियां ही सक्रिय हैं। जिसमें से 130 समिति पर होने वाले चुनाव में भाजपा के पुराने कार्यकर्ताओं को अवसर दिया जाएगा।
2018 में टूटा था सपा का वर्चस्व वर्ष 2018 के पहले सहकारी समितियों पर समाजवादी पार्टी का वर्चस्व कायम था। वर्ष 2018 के सहकारिता चुनाव में 123 भाजपा घोषित प्रत्याशी साधन सहकारी समितियों के अध्यक्ष बने। इसबार भाजपा सभी 130 सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित करके चुनाव में दम भरेगी। हालांकि, भाजपा की ओर से किसी भी पद के लिए सिंबल नहीं जारी किया जाएगा।
सहकारिता चुनाव कार्यक्रम
- अंतरिम मतदाता सूची का प्रकाशन- 11 मार्च
- अंतरिम मतदाता सूची पर आपत्ति- 12 मार्च
- मतदाता सूची में मिली आपत्ति का निस्तारण- 13 मार्च
- अंतिम सूची का प्रकाशन- 13 मार्च
- नामांकन जमा करने की तिथि- 14 मार्च
- उम्मीदवारों को चिह्नआवंटित- 16 मार्च
- मतदान व मतगणना- 18 मार्च