गोंडा। जन्म प्रमाणपत्रों के रिकॉर्ड की जांच में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। दो ऐसी फर्जी सीआरएस आईडी सामने आई हैं, जिनके नाम से जिले में कोई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित नहीं है। सैदापुर और बभनजोत पीएचसी के नाम से बनी इन आईडी से फरवरी में जन्म प्रमाणपत्र जारी होने की जानकारी मिली है। स्वास्थ्य विभाग ने दोनों आईडी बंद करा दी हैं। इसके अलावा हथियागढ़, मड़वा बुजुर्ग और खम्हरिया पीएचसी की आईडी पर भी रोक लगाई गई है।
सीएचसी बभनजोत में दर्ज प्रसव और जन्म प्रमाणपत्रों की संख्या में मिले 1630 के अंतर की जांच के दौरान ये मामला सामने आया। सीएचसी के ब्लॉक कम्युनिटी प्रोसेस प्रबंधक केसरी प्रसाद और ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक सनोज कुमार मिश्र की रिपोर्ट के अनुसार जनवरी से फरवरी के बीच निजी चिकित्सालयों से जारी करीब 1629 जन्म प्रमाणपत्र भी सीएचसी बभनजोत के रिकॉर्ड में दर्ज मिले।
इनमें सहर मेडिकल सेंटर, आयशा मेडिकल सेंटर, प्रभा देवी मेडिकल सेंटर और यशोदा मेडिकल सेंटर के प्रमाणपत्र शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार निजी अस्पतालों में जन्मे बच्चों के प्रमाणपत्र ग्राम पंचायत या नगर निकाय के स्तर से जारी किए जाने थे। ऐसे में इन प्रमाणपत्रों का सीएचसी के रिकॉर्ड में दर्ज होना और इसके लिए इस्तेमाल हुई आईडी जांच का प्रमुख बिंदु है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि सैदापुर और बभनजोत के नाम से बनी आईडी बंद करा दी गई हैं तथा तीन अन्य पीएचसी की आईडी पर रोक लगाई गई है। सीएमओ डॉ. संतलाल पटेल ने बताया कि एसीएमओ के नेतृत्व में टीम मामले की जांच कर रही है। प्रमाणपत्रों व आईडी के रिकॉर्ड का मिलान कराया जा रहा है। (संवाद)