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Gonda News: बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण पर ही अस्पतालों का नवीनीकरण

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गोंडा। मानकों की अनदेखी कर बड़े अस्पतालों का नवीनीकरण करने के लिए खेल पर सख्ती की जा रही है। 50 व उससे अधिक बेड वालों अस्पतालों के नवीनीकरण डीएम की निगरानी में उनकी अनुमति के बाद हो सकेगा। अप्रैल माह में नवीनीकरण होना है। इधर, एसीएमओ डॉ. आदित्य वर्मा ने बताया कि इस बार बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण की व्यवस्था परखने के बाद ही नवीनीकरण हो सकेगा। एसडीएम सदर कुलदीप सिंह व एसीएमओ डॉ. आदित्य वर्मा की अगुवाई में बनी टीम जिले के चार बड़े अस्पतालों का निरीक्षण कर खामियों को दूर करने का निर्देश दिया है।
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जिले में 83 से अधिक निजी अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लीनिक, पैथलैब व डायग्नोस्टिक लैब हैं। पहले इनका पंजीकरण सीएमओ कार्यालय में हो रहा था। क्लीनिकल इस्टेब्लिशमेंट रजिस्ट्रेशन एक्ट लागू होने के बाद अब 50 से अधिक बेड वाले अस्पताल का पंजीकरण डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी के माध्यम से होगा। इसके लिए जिला रजिस्ट्रीकरण प्राधिकरण बनाया गया है। कमेटी में प्राधिकरण, सीएमओ, आइएमए, पुलिस के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
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बॉयोमेडिकल बेस्ट निस्तारण व्यवस्था पर रहेगी निगरानी
नवीनीकरण के समय बायोमेडिकल बेस्ट निस्तारण का प्रमाणपत्र लगाकर खानापूर्ति कर दी जाती थी। हाल ही में दो बड़े अस्पतालों में यह व्यवस्था नहीं मिली। एसीएमओ डॉ. आदित्य वर्मा ने बताया कि इस बार बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण की व्यवस्था परखने के बाद ही नवीनीकरण हो सकेगा। अग्निशमन विभाग, पर्यावरण विभाग, स्वास्थ्य विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एओसी) व क्लीनिकल इस्टेब्लिशमेंट रजिस्ट्रेशन एक्ट का प्रमाण पत्र लेना आवश्यक होगा।
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