करीब ढाई घंटे तक चले बवाल के बाद डीएम तथा एसडीएम के समझाने बुझाने पर कर्मी शांत हुए। सोमवार को शिक्षक नेता कमरुद्दीन अंसारी, दिलीप चौहान, अरुण यादव आदि ने बताया कि मतगणना के लिए कुल 34 बूथ बनाए गए थे। रात एक बजे 29 बूथों की मतगणना समाप्त हो गई। केवल पांच बूथों की मतगणना चल रही थी।
खाली हुए कर्मियों ने सदर एसडीएम इंदुभूषण वर्मा से कहा कि मानदेय का भुगतान कर दें। एसडीएम ने कहा कि सभी बूथों की मतगणना समाप्त होने के बाद ही भुगतान किया जाएगा। इसी बात को लेकर कर्मियों तथा एसडीएम में विवाद हो गया।
एसडीएम ने मौजूद नगर कोतवाल व पुलिस से कहा कि कर्मियों को यहां से भगाओ। इसी बात को लेकर पुलिस ने कर्मियों पर लाठियां भांजनी शुरू कर दीं। इसी कार्रवाई में कई मतगणना कर्मियों को चोट भी लगीं। बवाल काफी बढ़ गया। नाराज मतगणना कर्मियों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर बलरामपुर-गोंडा मार्ग जाम कर दिया।
करीब ढाई घंटे तक चले गतिरोध के बाद डीएम प्रीति शुक्ला ने शिक्षक नेताओं को आवास पर बुलाकर वार्ता की तथा घटना के प्रति खेद जताया। डीएम के आश्वासन पर कर्मी शांत हो गए। सदर एसडीएम इंद्र भूषण वर्मा तथा नगर कोतवाल मधुर मिश्रा ने भी कर्मियों से मिलकर घटना के प्रति खेद प्रकट किया।