गोंडा। स्नान-दान का सबसे बड़ा पर्व मौनी अमावस्या शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालु मौन व्रत रखकर आस्था की डुबकी लगाएंगे।
जिले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु तीर्थराज प्रयाग में स्नान व ध्यान पूजन के लिए रवाना हुए। जिले के उमरीबेगमगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत ऐली-परसौली में इस अवसर पर एक मेले का आयोजन भी होगा। यहां जुटने वाले श्रद्धालु सरयू में स्नान-दान कर पुण्य के भागीदार बनेंगे।
शुक्रवार को सुबह सात बजकर 30 मिनट पर अमावस्या तिथि लगेगी। मान्यता है कि शताब्दी पहले ऐली-परसौली में स्थित मठ के मठाधीश सिद्ध पुरुष बाबा रीवा पुरी महाराज ने प्रथम डुबकी लगाकर मेले का शुभारंभ किया था, तब से यह परंपरा चली आ रही है।
लोग हर वर्ष सरयू नदी में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित करते हैं। अब बाबा रीवा पुरी के 15वें शिष्य बाबा ईश्वरनाथ पुरी इस परंपरा का निर्वहन करते हैं और उन्हीं की अध्यक्षता में मेले का आयोजन भी होता है।
बताया जाता है कि सिद्ध पुरुष बाबा रीवा पुरी बाराबंकी में स्थित मठ तक जाने के लिए नदी में कभी भी नाव का सहारा नहीं लेते थे, नदी की धारा सूख कर उनका मार्ग प्रशस्त करती थी। मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानों के साथ लोहे के औजार और मिट्टी के बर्तन तथा चमड़े के तार से बने सूप श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र भी बनेंगे।
माघ मेला के लिए पहला जत्था रवाना
परसपुर विकासखंड के विभिन्न गांवों से तीर्थराज प्रयाग में माघ अमावस्या के अवसर पर स्नान के लिए पहला जत्था रवाना हो गया। लोहंगपुर निवासी लक्ष्मी नारायन जायसवाल, राजेश गुप्ता व दीपनरायन मिश्र बस की व्यवस्था की गई है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु बुधवार को अयोध्याधाम में सरयू नदी में स्नान के बाद रात में प्रयागराज के लिए रवाना होंगे।