गोंडा। महाशिवरात्रि पर महादेवा धाम में कांवड़ियों के उमड़ने के चलते लखनऊ से बाराबंकी के रास्ते रोडवेज बसों के गोंडा आने पर रोक लगा दी गई है। ऐसे में बसों को सीतापुर होते हुए गोंडा भेजा जा रहा है। इससे न सिर्फ अधिक समय लग रहा है बल्कि यात्रियों को किराया भी ज्यादा चुकाना पड़ रहा है। यह व्यवस्था महाशिवरात्रि के दो दिन बाद तक रहेगी।
मेला प्रभारी अरुण भानु तिवारी ने बताया कि महाशिवरात्रि पर बाराबंकी के लोधेश्वर महादेव मंदिर में कांवड़ियों की भीड़ उमड़ रही है। इसके चलते कैसरबाग डिपो से गोंडा आने वाली बसें सीतापुर के महमूदाबाद, चहलारीघाट, बहराइच के रास्ते गोंडा पहुंच रही हैं। इससे 125 किलोमीटर के बजाय 198 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। लखनऊ से बस से गोंडा पहुंचने में पहले जहां तीन घंटे लगते थे, अब छह घंटे तक लग रहे हैं। यात्रियों को किराया भी अब 177 रुपये की बजाय 11 रुपये अधिक 188 रुपये चुकाना पड़ रहा है। इससे यात्री परेशान हो रहे हैं। बसों को बाराबंकी के रास्ते लखनऊ जाने तो दिया जा रहा है, लेकिन वापसी पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
10 बसें लखनऊ और 14 अयोध्या के रास्ते प्रयागराज रवाना
महाकुंभ के लिए सोमवार को 24 बसें भेजी गई हैं। बसों का रूट यात्रियों के हिसाब से तय किया जाता है। लखनऊ के यात्रियों की संख्या अधिक होने पर लखनऊ के रास्ते बसों को प्रयागराज भेजा जा रहा है। सोमवार को 10 बसें लखनऊ के रास्ते तो 14 बसों को अयोध्या के रास्ते रवाना किया गया है। महाशिवरात्रि पर महाकुंभ के लिए 55 बसें लगाई गई हैं। मंगलवार सुबह से ही इन बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।