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10 हजार शिक्षकों व कर्मियों की छुट्टी पर रोक

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गोंडा में प्रेरण एप के विरोध में मशाल जुलूस निकालते शिक्षक। - फोटो : GONDA
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गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के साथ ही शिक्षामित्र, अनुदेशक, अनुचरों की छुट्टियों पर रोक लगा दी गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनिराम सिंह ने प्रेरणा एप को डाउनलोड करने पर ही ऑनलाइन अवकाश ही दिए जाने का आदेश जारी किया है। इसके अलावा ऑफलाइन अवकाश की स्वीकृति तत्काल रोक दी है। उन्होंने जारी आदेश में कहा है कि अब प्रसूता, चाइल्ड केयर लीव, चिकित्सीय अवकाश ऑनलाइन ही दिए जाएंगे।
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ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था प्रेरणा एप में ही दी गई है। माना जा रहा है कि प्रेरणा एप के विरोध को देखते हुए डाउनलोड कराने के लिए यह आदेश जारी हुआ है। ऑफलाइन छुट्टियों पर रोक लगने से शिक्षक समेत करीब 10 हजार कर्मियों को अब अवकाश नहीं मिल सकेगा। इससे शिक्षकों में आक्रोश और बढ़ गया है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने मशाल जुलूस निकालकर प्रेरणा एप का विरोध किया और पुतला फूंका।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनिराम सिंह ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश दिया है कि अब अवकाश ऑनलाइन आवेदन का ही स्वीकृत करें। इसमें प्रसूता अवकाश भी शामिल है, इससे महिलाओं की समस्या बढ़ गई है। चाइल्ड केयर लीव तो पहले ही आसान नहीं थी अब बिना प्रेरणा एप के आवेदन पर विचार ही न करने के आदेश से महिला शिक्षकों को अपने बच्चों की चिंता छोड़नी ही पड़ेगी। पहले एप डाउनलोड करें फिर अवकाश की मांग करें। इस आदेश के दायरे में 8 हजार के करीब शिक्षकों के साथ ही 3 हजार के करीब शिक्षामित्र और 600 के करीब अनुदेशकों के साथ ही 210 अनुचर भी आ गए हैं।
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आदेश में महिला शिक्षकों को भी कोई ढील नहीं दी गई है, वह भी तब जब प्रसूता अवकाश उनके नैसर्गिक हक के दायरे में आता है। शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विनय तिवारी के नेतृत्व में शिक्षकों ने आम्बेडकर चौराहे पर प्रदर्शन किया और प्रेरणा एप का विरोध जताया। मांग उठाई कि एप की व्यवस्था समाप्त की जाए। उधर विभाग हर हाल में प्रेरणा एप को डाउनलोड़ कराने पर जोर दे रहा है। खंड शिक्षा अधिकारियों ने तो आकस्मिक अवकाश पर ही कैंची चलानी शुरू कर दी है।
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