गोंडा। कूटरचना व जालसाजी कर दूसरे व्यक्ति से भूमि का फर्जी इकरारनामा कराने के मामले में दो आरोपियों की जमानत याचिका न्यायालय ने खारिज कर दी है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी घनश्याम पांडेय ने बताया कि नगर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पंडरीशंकर निवासी पारसनाथ ने न्यायालय में प्रार्थनापत्र देकर कहा कि सिविल लाइंस के आईटीआई रोड निवासी अटल बिहारी त्रिपाठी ने 20 फरवरी 2019 को उसकी पंडरीशंकर स्थित जमीन हड़पने की नीयत से उसके स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा करके उपनिबंधक सदर के कार्यालय में इकरारनामा करा लिया। इस इकरारनामा के हासिया गवाह हरिश्चंद्र तिवारी निवासी खरगूपुर नकहा मूल निवासी गायत्रीपुरम कोतवाली नगर व इटियाथोक थाना क्षेत्र के ग्राम करुआपारा निवासी रत्नेश कुमार द्विवेदी भी शामिल हैं। जानकारी होने पर इकरारनामा की प्रतिलिपि ली गई तब पता चला कि उसके स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति की फोटो लगाया गया है। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने 22 अप्रैल 2022 को केस दर्ज कर विवेचना शुरु की और आरोपी हरिश्चंद्र तिवारी व रत्नेश कुमार द्विवेदी को गिरफ्तार कर लिया।
सुनवाई के दौरान अपराध की गंभीरता और आरोपियों का आपराधिक इतिहास देखते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ डाॅ. अनामिका चौहान ने आरोपी हरिश्चंद्र तिवारी व रत्नेश कुमार द्विवेदी का जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया।