गोंडा। इटियाथोक के कुकुरिहा निवासी सरवरा बानो को एक साल से पेट में दर्द हो रहा है। वह आयुष्मान भारत योजना के तहत चयनित हैं, लेकिन सिस्टम की खामियों के कारण उन्हें मुफ्त इलाज नहीं मिल पा रहा है। पीएम की ओर से मिली चिट्ठी में उनकी उम्र 125 वर्ष अंकित है, जबकि आधार कार्ड में सरवरा की उम्र मात्र 40 वर्ष है। इस अंतर की वजह से गोल्डन कार्ड का सत्यापन नहीं हो सका। सरवरा ब्लॉक से लेकर सीएमओ कार्यालय के चक्कर काट रही हैं। इसी तरह बड़ी संख्या में लाभार्थियों के दर्द में आयुष्मान का मरहम काम नहीं आ रहा है।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत जिले में 2,82,857 परिवारों के 12 लाख दो हजार सदस्यों को मुफ्त उपचार की सुविधा के लिए चयनित किया गया है। इनमें 2,00,596 लोगों को प्रधानमंत्री कार्यालय से चिट्ठी भेजी गई है। सरवरा बानो भी इनमें से एक हैं। सरवरा ने बताया कि मार्च 2024 में उनके पेट में दर्द होने लगा। शहर के सरकुलर रोड स्थित निजी नर्सिंगहोम में जांच कराने पर पता चला कि गर्भाश्य में महिला रोग संबंधी समस्या है, ऑपरेशन कराना पड़ेगा। मुफ्त उपचार कराने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय की चिट्ठी दिखाई, लेकिन उसमें जन्म का वर्ष 1900 अंकित था, जबकि आधार कार्ड में 1985 दर्ज है। सुधार के लिए कई बार इटियाथोक विकासखंड गईं, लेकिन त्रुटि दूर न हो सकी। दो बार सीएमओ कार्यालय में भी अर्जी लगाने पर सिर्फ आश्वासन ही मिला।
शहर के पटेलनगर निवासी शाहिद अली को आंखों का ऑपरेशन कराना है। आयुष्मान भारत योजना के तहत शाहिद का गोल्डन कार्ड बना है। एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती होने के बाद गोल्डन कार्ड का सत्यापन नहीं हो सका। बताया गया कि आधार कार्ड व गोल्डन कार्ड के नाम में एक अक्षर का अंतर है। इस वजह से शाहिद का ऑपरेशन नहीं हो सका। मुख्यालय के पास एक गांव के रहने वाले नंदकिशोर कैंसर से पीड़ित हैं। इन्हें केजीएमयू लखनऊ में उपचार कराना है, लेकिन गोल्डन कार्ड के सत्यापन का स्टेटस लंबित है।
आयुष्मान भारत योजना के जिला शिकायत निवारण प्रबंधक शिवांशु मिश्र के अनुसार प्रतिदिन आठ से दस शिकायतें आ रही हैं, जिनमें गोल्डन कार्ड व आधार कार्ड में अंतर होने के कारण सत्यापन नहीं हो पा रहा है। शिवांशु ने कहा, मामले से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि लाभार्थी सूची में त्रुटि के कारण परेशानी हो रही है।
राज्य मुख्यालय भेजी जाती हैं शिकायतें
एसीएमओ डॉ. सीके वर्मा ने बताया कि सीएमओ कार्यालय में जितनी भी शिकायतें दर्ज हो रही हैं, उन्हें राज्य मुख्यालय भेज दिया जाता है। जिले में संशोधन का कोई विकल्प नहीं है। जिन लाभार्थियों के राशन कार्ड व आधार कार्ड में त्रुटि होती है। उन्हें संबंधित विभाग से संशोधन कराने का सुझाव दिया जाता है।