गोंडा। मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल जन आरोग्य मेला अधिकारियों की बेपहरवाही की भेंट चढ़ गया। यहां एमबीबीएस डॉक्टर नहीं बल्कि आयुष चिकित्सक आयुर्वेदिक उपचार कर मेले की खानापूर्ति कर दे रहे हैं। वहीं अप्रशिक्षित चपरासी दवा बांटकर मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहा है।
छपिया के मसकनवा व वीरपुर पीएचसी पर आयोजित मेले में कोई एमबीबीएस व विशेषज्ञ डॉक्टर की ड्यूटी नहीं लगाया गई थी। मसकनवा में आयुष चिकित्सक डॉ. डीसी वर्मा ने उपचार किया तथा वार्ड ब्वॉय अनूप कुमार ने दवाएं बांटकर मरीजों को घर भेज दिया। मेले में एएनएम, आशा व संगिनी नदारद रहीं। परसपुर के पीएचसी त्यौरासी में आयुष चिकित्सक डॉ. ओपी गुप्ता ने उपचार किया तथा चपरासी ने दवाएं बांटकर खानापूर्ति कर दी। यहां आई फ्लू, चर्म रोग, बुखार का उपचार किया गया तथा टाइफाइड, मलेरिया व शुगर आदि की जांच की गई।
वजीरगंज के पीएचसी पिपरी पर आयुष चिकित्सक डॉ. नीना खुराना ने 30 मरीजों का उपचार किया जिसमें चार गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। पीएचसी डुमरियाडीह में 28 मरीजों का उपचार किया गया। यहां आयुष चिकित्सक डॉ. कौशलेंद्र सिंह व एमबीबीएस डॉ.शेखर तिवारी ने उपचार किया। तथा फार्मासिस्ट अनुराग सिंह ने दवाएं बांटी।