गोंडा। सरयू प्रसाद कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज में बृहस्पतिवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर, एचपीवी वैक्सीन, मासिक धर्म स्वच्छता और महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया गया। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम ने छात्राओं के स्वास्थ्य की जांच की और मौसम जनित बीमारियों से बचाव के उपाय बताए।
मुख्य अतिथि जिला महिला अस्पताल की मेडिकल ऑफिसर डॉ. माधुरी त्रिपाठी ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है। समय रहते जागरूकता, नियमित जांच और बचाव के उपाय अपनाकर इस बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने छात्राओं को टीकाकरण के महत्व की जानकारी दी।
बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के मेडिकल ऑफिसर डॉ. तारिक खान ने मौसम में होने वाले बदलाव के दौरान वायरल संक्रमण, बुखार और अन्य बीमारियों से बचाव के उपाय बताए। डॉ. सुनीता श्रीवास्तव ने छात्राओं को किशोरावस्था में स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी जरूरी जानकारी दी तथा स्वास्थ्य जांच की। कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्य गिरिजा मिश्रा, प्रतिभा त्रिपाठी, सरिता सिंह, विमला यादव, अंजू श्रीवास्तव आदि मौजूद रहीं।
छात्राओं ने पूछे सवाल, डॉक्टरों ने दिए जवाब
सवाल : सर्वाइकल कैंसर क्या होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है? (शिवानी)
जवाब : सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय के निचले हिस्से यानी गर्भाशय ग्रीवा में होने वाला कैंसर है। समय पर जांच, जागरूकता और एचपीवी टीकाकरण इसके खतरे को कम करने में मदद करता है।
सवाल : एचपीवी क्या है और वैक्सीन क्यों जरूरी है? (आरिफा)
जवाब : एचपीवी एक वायरस है, जिसके कुछ प्रकार सर्वाइकल कैंसर सहित अन्य बीमारियों का कारण बन सकते हैं। एचपीवी वैक्सीन इस संक्रमण से बचाव के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रदान करती है।
सवाल : क्या सर्वाइकल कैंसर की शुरुआत में कोई लक्षण दिखाई देते हैं? (पायल)
जवाब : कई बार शुरुआती अवस्था में स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते। इसलिए महिलाओं के लिए जागरूक रहना और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार समय-समय पर जांच कराना महत्वपूर्ण है।
सवाल : मासिक धर्म के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? (निशा)
जवाब : मासिक धर्म के दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। स्वच्छ और सुरक्षित सेनेटरी उत्पादों का उपयोग करें तथा उन्हें समय पर बदलें। किसी भी असामान्य परेशानी पर डॉक्टर से सलाह लें।
सवाल : मासिक धर्म को लेकर शर्म या झिझक क्यों नहीं होनी चाहिए? (आंचल)
जवाब : मासिक धर्म एक प्राकृतिक शारीरिक प्रक्रिया है। इसके बारे में सही जानकारी रखना और जरूरत पड़ने पर परिवार, शिक्षकों या स्वास्थ्यकर्मियों से खुलकर बात करना जरूरी है।
सरयू प्रसाद कन्या पाठशाला में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को पुस्तक देकर सम्मानित करते महिला