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एनसीआर दर्ज कराने के नाम पर सिपाही ने मांगे आठ हजार रुपये

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गोंडा। पीड़ितों से रुपये मांगने को लेकर खाकी फिर दागदार हो रही है। कौड़िया थाने के एक सिपाही ने एनसीआर दर्ज कराने के नाम पर एक पीड़ित से आठ हजार रुपए की मांग की। पीड़ित से सिपाही के रूपए मांगने का ऑडियो वायरल होने पर पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक को सौंपी है।
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अपर पुलिस अधीक्षक का कहना है कि जांच की जा रही है। जांच के बाद आरोपी सिपाही के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले भी करनैलगंज के एक मुख्य आरक्षी ने कोतवाल के नाम पर पेड़ कटवाने के लिए एक व्यक्ति से पांच हजार रूपए की मांग की थी। मामले में जांच के बाद एसपी ने कोतवाल व आरोपी मुख्य आरक्षी को सस्पेंड कर दिया था।
थाना कौड़िया क्षेत्र के दुबहा बाजार चौकी में तैनात सिपाही रोहन ने थाना क्षेत्र के दुबहा बाजार की रहने वाली एक दलित महिला से एक व्यक्ति का 10 अक्तूबर को विवाद हो गया था। मामले की तहरीर दलित महिला ने थाने में दी थी। पुलिस ने महिला के आने के बाद दूसरे पक्ष को भी थाने बुलाया। मगर बाद में दोनो पक्षों ने आपस में सुलह कर लिया।
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इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को छोड़ दिया। इसी के बाद 20 अक्तूबर को थाना कौड़िया के दुबहा बाजार में तैनात सिपाही रोहन ने पीड़ित पक्ष से मामले में एनसीआर दर्ज कराने के लिए आठ हजार रूपए की मांग की। पीड़ित ने सिपाही रोहन को आठ हजार रूपए भी दे दिए। इसका ऑडियो वायरल होने पर हड़कंप मच गया।
वायरल ऑडियो में सिपाही रोहन पीड़ित से कह रहा है कि साहब से बात हो गई है। साहब पूछेंगे तो बता देना कि पांच हजार रुपये दिए हैं और बाद में जैसे बताएंगे हो जाएगा। इससे पहले कोतवाली करनैलगंज के मुख्य आरक्षी ने शौकत अली ने कोतवाल के नाम पर एक व्यक्ति से पेड़ कटवाने के लिए पांच हजार रुपये की मांग की थी। मामले में एसपी ने तत्कालीन कोतवाल राजनाथ सिंह व आरोपी मुख्य आरक्षी शौकत अली को निलम्बित कर दिया था।
वायरल ऑडियो को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पांडेय ने मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक महेन्द्र कुमार को सौंपी है। अपर पुलिस अधीक्षक महेन्द्र कुमार ने बताया कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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