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परिषदीय स्कूलों की पढ़ाई दिलचस्प बनाने के लिए आडियो फार्मूला

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गोंडा। बेसिक शिक्षा के परिषदीय स्कूलों में अब ऑडियो क्लिप से पढ़ाई कराने की तैयारी हो रही है। 3100 परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले 3.64 लाख बच्चों को रोचक क्लास रूम देने के लिए यह नई पहल की गई है।
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जिससे बच्चों में सीखने की क्षमता तो बढ़ेगी, उन्हें सुनकर पढ़ाई करने से याद भी होगी। इसके लिए स्कूलों में चलने वाली पाठ्य पुस्तकों की कहानियों की ऑडियो फाइल बनाई जाएगी। ऑडियो फिर सभी स्कूलों को भेजे जाएंगे ताकि बच्चों को दिलचस्प अंदाज में पढ़ाया जा सके।
स्कूलों में भेजे जाने वाले ऑडियो क्लिप 3 से 7 मिनट के ही होंगे। जिससे आसानी बच्चे सुन सकें। इसमें पाठ्य पुस्तक के किसी अंश, महत्वपूर्ण तथ्यों व क्रिया कलापों को शामिल करते हुए बनाई जाएगी। इसकी रिकार्डिंग में बैक ग्राउण्ड संगीत, मिमिक्री व साउंड इफेक्ट भी डाला जाएगा।
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विज्ञान में ऊर्जा, प्रकाश, कंप्यूटर, रेशों से वस्त, ऊष्मा व ताप, भोजन, स्वास्थ्य व रोग, वायु जैसे विषयों की कहानियों को लिया जाना है वहीं पृथ्वी व हमारा जीवन, अंग्रेजी, हिन्दी, हमारा पर्यावरण, हमारा परिवेश व हमारा इतिहास, कृषि विज्ञान, गृह शिल्प समेत गणित विषय तक में, ये ऑडियो क्लिप बनाई जानी है।
इसके लिए शिक्षकों का चयन डायट की ओर से किया गया है। एससईआरटी ने कहानी सुनाओ प्रतियोगिता का आयोजन हुआ था। जिसमें शिक्षकों ने पाठ्यक्रम में शामिल पाठों पर ही कहानियां सुनाई थी। जिसमें अपने मोबाइल से ही तरह-तरह के साउंड इफेक्ट, कठपुतली, डायलॉग और विभिन्न तरह के कटआउट का इस्तेमाल कर इसे दिलचस्प बनाया था।
बेसिक स्कूलों की 2600 प्राइमरी स्कूलों की प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ने वाले बालक और बालिकाओं को पहले प्रेरक छात्र के रूप में चिन्हित किया जाएगा। इसके बाद स्कूल और फिर ब्लाकों को प्रेरक बनाया जाएगा। जिले में प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले 13 हजार बालक और 13 हजार बालिकाओं को प्रेरक छात्र बनाया जाएगा।
इस तरह परिषदीय स्कूलों के 26 हजार छात्र पहले प्रेरक होंगे। जो बच्चे अपनी कक्षा के हिंदी व गणित विषयों के अनुरूप प्रेरणा लक्ष्यों को हासिल कर लेंगे, उन्हें प्रेरक बालक/बालिका के रूप में चिह्न्ति किया जाना है। प्रेरणा लक्ष्य एप के माध्यम से ऐसे बच्चों का आकलन कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा।
डायट प्राचार्य और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी इसके लिए मानक तय करेंगे।
प्रेरक छात्र चिन्हित करने के लिए हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को आकलन किया जाएगा। यदि किसी वजह से शनिवार को अवकाश है तो उससे पहले वाले कार्यदिवस में यह आकलन किया जाएगा।
बच्चों के आकलन के लिए हर तिमाही के लिए डायट प्राचार्य रोस्टर तैयार करेंगे। तिमाही की गणना एक अप्रैल, 2021 से की जाएगी। डायट प्राचार्य यह सुनिश्चित करेंगे कि आकलन से कम से कम एक हफ्ता पहले स्कूल को इसकी सूचना दे दी जाए। जिससे शिक्षक इसकी तैयारी कर सकें।
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