दिसंबर 2024 में मुंबई पुलिस ने सीएमओ को पासपोर्ट के आवेदनपत्र के साथ दाखिल किए गए जन्म प्रमाणपत्र को सत्यापन के लिए भेजा था। जांच में दो के प्रमाणपत्र फर्जी मिले। इसके बाद सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने मुंबई पुलिस को पूरी रिपोर्ट भेज दी। शनिवार को जब एटीएस टीम जांच के लिए पहुंची तो सीएमओ कार्यालय के कर्मचारी दंग रह गए। उन्होंने बताया कि जिस अस्पताल से जन्म प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं वहां अभी तक किलकारी ही नहीं गूंजी है। इसके बाद भी वहां से जन्म प्रमाणपत्र बनवा दिया गया। वहीं, अधिकारियों ने इस संबंध में चुप्पी साधे रखी।
एसपी को भेजी रिपोर्ट
सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने एसपी को रिपोर्ट भेजी है, जिसमें उन्होंने कहा है कि मुंबई पुलिस से प्राप्त रुमाना व साबिर के जन्म प्रमाणपत्र की जांच की गई। दोनों के प्रमाणपत्र फर्जी मिल। उन्होंने एसपी से पूरे मामले की जांच कराकर मुकदमा दर्ज कराने के लिए कहा है। जिलाधिकारी को भी प्रकरण से अवगत कराया है।
ऐसे करें असली व नकली जन्म प्रमाणपत्र की पहचान
-सीएमओ कार्यालय में तैनात सहायक संख्यिकी अधिकारी अरुण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए बच्चों के माता-पिता का आधार कार्ड, अस्पताल द्वारा जारी जन्म प्रपत्र, बच्चे का टीका कार्ड, बच्चे का नाम, जन्म स्थान व जन्म तिथि की जानकारी लेकर पंचायत सचिव, नगर पालिका व अस्पताल कार्यालय में जन्म के 21 दिन के अंदर आवेदन करना होता है। जन्म प्रमाणपत्र के असली होने का पता लगाने के लिए पंचायत सचिव द्वारा जारी किए गए प्रमाणपत्र पर बाएं तरफ प्रमाणपत्र जारी करने की तिथि एवं एक क्यूआर कोड होता है। उसे स्कैन करके असली होने की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। क्यूआर कोड स्कैन करने पर पूरा डाटा दिखाई देगा, जिससे आसानी से अपने बच्चे के जन्म प्रमाणपत्र के असली या जाली होने की जानकारी हो जाएगी।