परसपुर (गोंडा)। आशा कर्मचारी यूनियन उत्तर प्रदेश संबद्ध सीटू द्वारा सीएचसी परसपुर प्रांगण में शुक्रवार को धरना देकर सात सूत्रीय मांग पत्र चिकित्सा अधीक्षक परसपुर के नाम सौंपा। कहा कि यदि प्रकरण का तत्काल निस्तारण नहीं करवाया गया तो यूनियन मुख्य चिकित्साधिकारी के समक्ष उपवास पर बैठेगा। सात सूत्रीय मांग पत्र में मांग किया गया है 2020-21 में प्रदेश सरकार व विभाग द्वारा 750 रुपया प्रति माह प्रोत्साहन राशि बढ़ोत्तरी किया गया लेकिन आज तक भुगतान नहीं किया गया। एरियर सहित तत्काल भुगतान कराने की मांग की गई है। आशा, आशा संगिनी को कार्य करने के उपरांत सभी बिंदुओं पर भुगतान किया जाय। सरकार द्वारा कोविड-19 में भुगतान अतिरिक्त देने को कहा गया था जिसका भुगतान अभी तक नहीं किया गया है।
सीएचसी पर प्रसव के दौरान प्रसूताओं से वसूली, बाहर से दवा खरीद पर रोक लगाई जाय। प्रसूताओं को भोजन, चाय, नाश्ता की व्यवस्था कराई जाय। सीएचसी के अंदर शौचालय की दशा अत्यंत दयनीय है। जनरेटर का संचालन नहीं होता है। स्वच्छ पेय जल की भी आपूर्ति नहीं होती। जिला महामंत्री कविता सिंह, संरक्षक दिलीप शुक्ला, ब्लाक अध्यक्ष ममता तिवारी ने मांग किया कि कर्मचारियों की बैठक बुला कर पूर्व में हुए अभद्र भाषा प्रकरण का निस्तारण कराया जाय।
धरना प्रदर्शन में वंदना श्रीवास्तव, उर्मिला देवी, दुर्गावती सिंह, इंदु सिंह, रीता सिंह, कंचन सिंह, संगीता मिश्रा, मीरा पांडेय, आरती, कृष्णा पांडेय, कांति सिंह, गुणवती, बीना यादव, सुनीता शुक्ला, नीतू सिंह व सुमन गुप्ता सहित तमाम लोग उपस्थित रहीं।