जिले की होनहार क्रिकेट खिलाड़ी अंशू तिवारी की मेहनत रंग लाई है। सोमवार को प्रदेश की महिला क्रिकेट टीम की चयनकर्ताओं ने अंशू का चयन प्रदेश की अंडर 19 महिला क्रिकेट टीम के लिए किया है।
शहर के दुखहरननाथ मंदिर के पास रहने वाले हरीश तिवारी की बेटी अंशू को बचपन से क्रिकेट खेलने का शौक था। वह अपने मोहल्ले के बच्चों के साथ अक्सर क्रिकेट खेला करती थी। अंशू के बाबा रामनरेश तिवारी बताते हैं कि सभी अभिभावकों की तरह उसके भी मां-बाप उसे खेल के बजाय पढ़ाई पर ध्यान लगाने के लिए डांटते थे, लेकिन इस डांट फटकार को दरकिनार कर उन्होंने व उनके भाई रामरंग तिवारी ने उसे प्रोत्साहित किया।
बाबा का प्रोत्साहन पाकर अंशू का क्रिकेट खेलने का शौक जुनून में बदल गया। पहली बार हाईस्कूल में पढ़ाई के दौरान उसका चयन जिला स्तरीय टीम के लिए किया गया। इसके बाद अंशू ने जिले व मंडल स्तर पर कई प्रतियोगिताओं में भाग लिया और अपनी टीम को जीत दिलाई।
क्रिकेट में अंशू एक बेहतरीन आलराउंडर और बल्लेबाजी के अलावा वह ऑफ स्पिन गेंदबाज भी है। हाल ही में हरदोई में हुई एक प्रतियोगिता के दौरान चयनकर्ताओं की नजर अंशू पर पड़ी और उन्होंने उसकी प्रतिभा को पहचाना।
सोमवार को लखनऊ में महिला क्रिकेट टीम की चार सदस्यीय चयनकर्ताओं की टीम ने अंशू का चयन प्रदेश की अंडर 19 महिला क्रिकेट टीम के लिए किया है। अंशू ने बताया कि वह रघुकुल विद्यापीठ की टीम से देश के कई शहरों में खेल चुकी है।
हाल ही में उसे देवीपाटन मंडल के आयुक्त सुधीर कुमार दीक्षित व डीएम आशुतोष निरंजन अमर उजाला के नारी शिक्षा सुरक्षा व सम्मान कार्यक्रम में उसे सम्मानित कर चुके है। अंशू के इस चयन ने न सिर्फ जिले का मान बढ़ाया है, बल्कि खेल में रुचि रखने वाली बेटियों के लिए सफलता के दरवाजे भी खोल दिए हैं। अंशू का चयन होने पर मंडलायुक्त व जिलाधिकारी ने उसे बधाई दी है।