फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नाराज ग्रामीणों ने उपकेंद्र के सामने दिया धरना

विज्ञापन
विज्ञापन
मुजेहना ( गोंडा)। क्षेत्र के बिजली कर्मियों की लापरवाही और मनमानी से परेशान क्षेत्र के ग्रामीणों ने उच्च न्यायालय लखनऊ के अधिवक्ता के नेतृत्व में उपखंड अधिकारी कार्यालय के परिसर में शनिवार को धरना दिया और व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने की मांग की। इस दौरान कुछ कर्मियों ने उन्हें उनके पैतृक गांव का कनेक्शन काट देने की धमकी भी दी। इस पर आंदोलनकारियों ने उपखंड अधिकारी से गहरा आक्रोश व्यक्त किया। इस धरने में आधे दर्जन से अधिक लोग अपनी अपनी रसीदें लेकर डटे रहे। जिनको रसीद काटकर मीटर भी लगा दिया और अब तक कनेक्शन नहीं दिया गया है। लगभग तीन घंटे धरने पर बैठने के बाद उपखंड अधिकारी के लिखित आश्वासन के बाद धरना समाप्त कर दिया गया।
विज्ञापन

शनिवार को दुर्जनपुर के मजरा शेरापुर तथा सोहॉस करमोहनी के दर्जनों ग्रामीणों ने गणेश नाथ मिश्र अधिवक्ता उच्च न्यायालय लखनऊ के नेतृत्व में उपखंड अधिकारी विद्युत वितरण खण्ड धानेपुर के कार्यालय परिसर में धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का आरोप था कि सितंबर 2017 में ही रसीद काटकर मीटर लगा दिया गया, लेकिन अब तक हम लोगों के यहां बिजली नहीं जली। गांव में यत्र तत्र जो खंभे गाड़े गए हैं व केवल मिट्टी के सहारे हैं और झुक गए हैं। जो कभी भी गिरकर लोगों के लिए जानलेवा बन सकते हैं। कई बार संबंधित अधिकारियों से कहने के बाद भी लोग इस पर ध्यान नहीं दिए। इस दौरान सीतापति, त्रिभवन, दिलराजी, तारादेवी, अनीतादेवी और कृष्णा देवी सितंबर सन 2017 की रसीदें लेकर डटी रहीं।
इन सभी का आरोप था कि 3 साल बाद भी हम लोगों के यहॉ बिजली नहीं जली। बिजली बिल का देनदार कौन होगा। चल रहे धरने के बीच एक कर्मचारी ने धरने पर बैठे गणेश नाथ मिश्र को धमकाते हुए उनके पैतृक गांव परसिया का कनेक्शन काट देने की भी धमकी दी। इस पर धरने पर बैठे ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी प्रमोद वर्मा से गहरा आक्रोश व्यक्त किया। 03 घंटे चले धरने के बीच उपखंड अधिकारी के अक्टूबर तक व्यवस्था ठीक कर लेने के लिखित आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों को धरना समाप्त कर दिया। धरने में संकटाप्रसाद वर्मा, त्रिभुवनदत्त, मोतीलाल सुमित, मेवालाल,अभय कुमार,आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें