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आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री को दो बार दी पेंशन

Mon, 06 Jun 2016 11:16 PM IST
अमर उजाला/गोंडा
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पेंशन
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 सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अब यहां पात्रता के कोई मायने नहीं हैं। तभी तो आवास, पेंशन या अन्य योजनाओं की खेती अपनी फसल समझ कर लोग काट रहे हैं। हद तो तब हो गई, जब आंगनबाड़ी में नौकरी करने वाली महिला को समाजवादी पेंशन का लाभ दो बार दे दिया गया। साथ ही पति को भी पेंशन और ससुर को भी 42 साल का दिखाकर जॉबकार्ड तथा 74 साल दिखाकर वृद्धा पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। यह सब ग्राम पंचायत सचिव की दरियादिली का परिणाम है। 
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करनैलगंज ब्लॉक के रुदौली ग्राम पंचायत में अपात्रों को लाभ देने के कई मामले हैं। लेकिन एक मामला ऐसा है जो चौंकने वाला है। इस ग्राम पंचायत की आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री सविता सिंह की पिछले दस वर्ष से गांव में तैनाती है। सविता सिंह पत्नी संतोष कुमार सिंह का जॉबकार्ड भी बना है।

वर्ष 2009 में सविता सिंह मनरेगा की मजदूर बन गईं और उसका क्रमांक संख्या यूपी-47--017-055-001/173 है। इन्हें इस जॉबकार्ड पर वर्ष 2011 में मजदूरी का भुगतान भी हो चुका है। सबसे अहम बात तो यह है कि सविता का चयन समाजवादी पेंशन के लिए भी हो चुका है, वह भी दो बार।
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उनके नाम से समाजवादी पेंशन का पहला रजिस्ट्रेशन नंबर 314710560305 एवं दूसरा रजिस्ट्रेशन नंबर 314710760395 है। दोनों पर एक साल में तीन बार 1500-1500 रुपये पेंशन के रूप में भुगतान हो चुका है।

इतना ही नहीं सविता के पति संतोष कुमार का भी चयन समाजवादी पेंशन के लिए हुआ है। उनका क्रमांक व रजिस्ट्रेशन संख्या 3147108340505 है। इस परिवार पर ग्राम पंचायत सचिव की नजरें ऐसी इनायत हुईं कि 74 वर्षीय सविता के ससुर शेर बहादुर सिंह पुत्र हरिकरन सिंह को वृद्धावस्था पेंशन मिल रही है।

वहीं, शेरबहादुर सिंह को वर्ष 2007 में जॉबकार्ड धारक बना दिया गया, जिसमें उनकी उम्र 42 वर्ष दर्शायी गई है। हालांकि इस गांव व अन्य गांवों में कई अपात्रों को पेंशन, आवास सहित अन्य योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उधर, गांव के प्रमोद तिवारी, रवींद्र तिवारी सहित 30 लोगों ने सीएम व प्रमुख सचिव से शिकायत की है कि गांव के कई अपात्रों को पेंशन व अन्य योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। 

क्षेत्र की सुपरवाइजर सुषमा वर्मा ने बताया कि सविता सिंह करनैलगंज ब्लॉक के रुदौली आंगनबाड़ी केंद्र पर बतौर सहायिका तैनात हैं। इन्हें किसी अन्य योजना का लाभ मिल रहा है, उसकी जानकारी नहीं है। लेकिन यह विभाग की कर्मचारी हैं।

सविता सिंह के पति संतोष कुमार सिंह ने कहा कि बड़ा-बड़ा घोटाला होत है, तब कोई नाहीं पूछत है। वैसे तो उनकी पत्नी सहायिका हैं। उन्हें महामाया योजना में भी पेंशन मिलती थी और समाजवादी पेंशन भी मिल रही है। उन्हें भी पेंशन मिल रही है तो उनकी क्या गलती है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी गोंडा मनोज कुमार राव का कहना है कि आईसीडीएस विभाग में सविता सिंह रुदौली ग्राम पंचायत में बतौर सहायिका तैनात हैं। शिकायत प्राप्त हुई है और उसकी जांच के लिए टीम बनाई जा रही है। किसी भी कर्मचारी को अन्य शासकीय कल्याणकारी योजना का लाभ नहीं दिया जा सकता है।

जिला समाज कल्याण अधिकारी गोंडा अमरजीत सिंह ने कहा कि समाजवादी पेंशन का लाभ किसी भी कर्मचारी या शासकीय कार्य में रहने वाले को नहीं दिया जा सकता है। सत्यापन करने वाले अधिकारी या कर्मचारी का इसमें दोष है। उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी और योजना के तहत दी गई राशि की रिकवरी कराई जाएगी।
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