गोंडा। खून की कमी गर्भवती के प्रसव को जोखिम भरा बनाती है। इस समस्या को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई योजनाएं भी चलाई जा रही हैं। इसमें खून की जांच के लिए शिविर व खानपान को लेकर सलाह दी जाती है। बावजूद इसके महिला अस्पताल में हर दिन खून की कमी वाली 20 प्रसूताओं के मामले सामने आ रहे हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से अब तक 6544 हाईरिस्क प्रेगनेंसी के मामले सामने आए हैं।
सीएमएस डॉ. देवेंद्र सिंह ने बताया कि खून की कमी वाली गर्भवती महिलाएं अनाज, दालें, बींस, चीज, सोयाबीन, चुकंदर, पालक, सूखे मेवे और शहद आदि का सेवन करें। विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ लें। समय-समय पर जांच कराते रहें और डॉक्टर से सलाह लेना न भूलें।
एसीएमओ ने किया निरीक्षण
गोंडा। एसीएमओ डॉ. जय गोविंद ने बुधवार को स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने तरबगंज सीएचसी, बौरिहा पीएचसी, आयुष्मान आरोग्य मंदिर सिंगहाभोज, किंधौरा व तिवारी बाजार में दी जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी हासिल की। चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए।