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गोंडा से सुप्रिया सिंह के नाम से बीएड कर रही है कासगंज की अनामिका

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गोंडा। नौ जिलों के कस्तूरबा विद्यालयों में गोंडा की अनामिका शुक्ला के अभिलेखों पर फर्जी तरीके से नौकरी हासिल करने के मामले में नगर कोतवाली में अज्ञात जालसाजों पर केस दर्ज हो गया। नगर कोतवाल आलोक राव ने बताया कि अन्य जिलों में भी प्रकरण के केस दर्ज हैं। बीएसए की ओर से भी रिपोर्ट दर्ज की गई है। उधर दूसरे जिलों में मामलों की जांच से गोंडा कनेक्शन और पुख्ता हुआ है। नया खुलासा सामने आया है कि फरुर्खाबाद की जो सुप्रिया सिंह कासगंज जिले में गिरफ्तार हुई है वह वर्तमान में गोंडा के किसी कालेज से बीएड की पढ़ाई कर रही है। इससे अब जिले के बीएड कालेज रडार पर आ गए हैं।
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प्रदेश में अनामिका शुक्ला के नाम से स्कूलों में नियुक्त शिक्षिका की गिरफ्तारी के बाद गोंडा से पढ़ाई का मामला सामने आया था। अमर उजाला की पड़ताल में असली अनामिका शुक्ला का पता चला और बीएसए के सामने पेश होकर अनामिका ने अपने दस्तावेज सौंपे। इसके बाद से मामले में अनामिका शुक्ला का रहस्य खत्म हो गया और यह स्पष्ट हो गया कि अन्य जिलों में नौकरी कर रहीं शिक्षिकाएं कोई और हैं। इसकी जानकारी होने के बाद गोंडा के मुजेहना ब्लाक के सीरबनकट गांव की निवासिनी अनामिका शुक्ला ने गुरुवार को अपने अभिलेखों के दुरुपयोग होने की तहरीर नगर कोतवाली को दी। पुलिस ने तहरीर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से रिपोर्ट ली। वहां से पुष्टि होने पर कि असली अनामिका शुक्ला किसी भी कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल में कार्यरत नहीं है और उसी के अभिलेख पर नौ लोग नौकरी रहीं थीं।
इसके बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इसके साथ ही यह मामला सामने पर की कासगंज में गिरफ्तार हुई सुप्रिया सिंह के तार भी गोंडा से जुड़े हैं। जिन जालसाजों ने उसे अनामिका शुक्ला के नाम से नौकरी दिलाई, उन लोगों ने आगे चल कर सही नाम से नौकरी पक्की कराने के लिए बीएड में प्रवेश भी कराया। सुप्रिया सिंह और कहीं नहीं गोंडा के ही किसी कॉलेज से बीएड कर रही हैं। अब जिले के बीएड कॉलेज भी शासन की रडार पर आ गए हैं। अभी तक किसी कालेज की ओर से इस बात की जानकारी तो नहीं दी गई कि कासगंज की सुप्रिया सिंह किसी कालेज में पढ़ रही हैं, लेकिन देर सबेर कालेज का नाम सामने आ जाएगा।
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36 कालेजों में खंगाली जाएगी सुप्रिया की कुंडली
जिले के बीएड कालेज में कासगंज में गिरफ्तार की गई सुप्रिया सिंह किस कालेज से बीएड कर रही हैं और दो वर्षीय बीएड का उसका कौन सा वर्ष है। इसके अलावा बीएड में प्रवेश की क्या प्रक्रिया होगी, इन सारी बातों के सामने आने के बाद बीएड में प्रवेश करने वाले रैकेट का भी पर्दाफाश होगा। जिससे कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में हुए भर्ती फर्जीवाड़े का खुलासा हो सकेगा।
बीएड कराकर नियुक्ति के अभिलेखों में बदलाव की तैयारी
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका स्कूलों में अनामिका शुक्ला के नाम से नौकरी दिलाने के बाद अभिलेखों में बदलाव की तैयारी थी। इसलिए जिन लोगों को अनामिका के नाम से नियुक्त कराया गया है उन्हें बीएड कराया जा रहा था। जिससे आगे चलकर स्कूलों से अनामिका शुक्ला के नाम को बदलकर जो लोग पढ़ा रहीं थीं उन्हीं का सही नाम पर नवीनीकरण कराया जा सके। इसलिए जालसाज बहुत ही सधे कदम बढ़ा रहे थे, लेकिन शासन की आधार फीडिंग इसी साल आने से उनके मंसूबों पर पानी फिर गया।
गोंडा में आवेदन करने वाली महिला का नहीं चल पा रहा पता
गोंडा के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका स्कूलों में भर्ती के दौरान अनामिका शुक्ला के नाम से आवेदन हुआ था। काउंसलिंग में भी एक महिला शामिल हुई थी और विज्ञान शिक्षिका की मेरिट में प्रथम नम्बर होने पर काउंसलिंग बिना मूल अभिलेख के ही कराने की कोशिश की थी। अधिकारियों के मना करने से और फिर गोंडा के ही अभिलेख होने से दोबारा प्रयास नहीं किया। लेकिन अभी तक काउंसलिंग कराने वाली महिला का पता नहीं चल सका। अनामिका मामले में यह जांच काफी अहम है।
आवेदन में नहीं था फोटो, प्रमाणपत्र में फोटो धुंधली
जिले के कस्तूरबा गांधी स्कूलों में भर्ती के लिए जिसने भी अनामिका शुक्ला के नाम से नियुक्ति के लिए आवेदन किया था, उसने आवेदन पत्र में फोटो ही नहीं लगाई थी। आवेदन फीड कर लिया गया था कि काउंसलिंग के समय उससे फोटो ली जाएगी लेकिन वह अभिलेख के साथ नहीं आई। इसके अलावा टीईटी के प्रमाण पत्र पर फोटो बदला गया था, असली अनामिका के स्थान पर दूसरा फोटो है जो काफी धुंधला है और निवास प्रमाण पत्र में भी ऐसा ही है। इससे उसकी तलाश में भी दिक्कत आए। ऐसा जुगाड़ जालसाजों ने किया था।
बिना विभागीय सांठगांठ के संभव नहीं है खेल
अनामिका शुक्ला के नाम से कई जिलों में भर्ती कराने और फिर आगे चलकर अभिलेखों में बदलाव की तैयारी के पीछे कहीं न कहीं विभागीय सांठगांठ की ओर इशारा करता है। जिस तरह तैयारी थी उसमें जालसाजों की सांठगांठ कुछ कर्मियों से भी रही होगा, जो आगे चलकर अभिलेखों में बदलाव करते। इसकी जांच विभागीय स्तर से हो रही है, मंडलीय अधिकारी हर बिंदु की जांच करने में जुटे हैं।
दर्ज हुई है एफआईआर, होगी कार्रवाई
अनामिका शुक्ला प्रकरण में तहरीर मिली है और जांच कराने के बाद नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। अनामिका ने उनके अभिलेख के दुरुपयोग किए जाने का आरोप लगाया है।
-महेन्द्र कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक
नहीं हो पाई थी कस्तूरबा में भर्ती, आवेदन की करेंगे जांच
जिले में वर्ष 2019 में शुरू हुई थी कस्तूरबा गांधी स्कूलों में भर्ती प्रक्रिया पूरी हो गई थी लेकिन चयन नही हुआ था। उसमें अनामिका शुक्ला के नाम से आवेदन है, आवेदन पत्र की जांच की जाएगी। जिला समन्वयक से पूरी पत्रावली मंगाकर देखेंगें। मंडल में पता किया है कहीं भी अनामिका शुक्ला के अभिलेख पर कोई चयन नही हुआ है। फिलहाल नजर रखी जा रही है।
-विनय मोहन वन, एडी बेसिक शिक्षा देवीपाटन
पुलिस को दे दी गई है पूरे प्रकरण की रिपोर्ट
असली अनामिका शुक्ला की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट मांगी थी। पूरी रिपोर्ट दे दी गई है। पुलिस अब मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच करेगी।
-डॉ. इंद्रजीत प्रजापति, बीएसए गोंडा
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भेजा प्रतिनिधि मंडल
असली अनामिका शुक्ला के सामने आने की जानकारी होने पर कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने एक प्रतिनिधि मंडल को भेजा है। कांग्रेस के नेता सदन एमएलसी दीपक सिंह, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष धीरू सिंह, पूर्व विधायक धीरेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ धीरु सिंह के साथ जिला कमेटी के त्रिलोकी नाथ तिवारी, जिला उपाध्यक्ष शिव कुमार दूबे, प्रमोद मिश्र, अमर जीत सिंह, जैनुलाबदीन आदि अनामिका शुक्ला के घर सीरबनकट पहुंचे। एमएलसी दीपक सिंह ने परिवार के राकेश शुक्ला से पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होने कहा कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने पूरी रिपोर्ट मांगी है। कांग्रेस पार्टी अनामिका शुक्ला के साथ है उनके अभिलेख पर जिस तरह फर्जीवाड़ा हुआ है उसमें कार्रवाई के लिए कांग्रेस संघर्ष करेगी।
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