सभी वन ग्राम को पूर्ण राजस्व ग्राम का दर्जा देकर उनका समग्र विकास किया जाएगा। इस बात की घोषणा मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने की। उन्होंने रविवार को दीनदयाल शोध संस्थान में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि महाराणा प्रताप के वंशज कही जाने वाली थारू जनजाति जंगलों में रहकर देश की सीमा व संस्कृति की सुरक्षा कर रही है।
यह जनजाति भारत-नेपाल के सदियों पुराने रोटी-बेटी के संबंधों को भी मजबूत कर रही है। थारू संस्कृति के संरक्षण के लिए संग्रहालय बनाया जाएगा। प्रदेश सरकार थारू जनजाति के छात्रों की छात्रवृत्ति दोबारा शुरू करेगी।
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने कहाकि चंद इतिहासकारों ने महाराणा प्रताप के इतिहास को तोड़ मरोड़ कर पेश किया है। महाराणा प्रताप सच्चे राष्ट्र प्रेमी तथा स्वाभिमानी शासक थे। भारत-नेपाल सीमा के जंगलों में रहने वाली थारू जनजाति महाराणा प्रताप की वंशज है।
इस जनजाति का इतिहास भी अत्यंत गौरवशाली है। इस जनजाति के लोग नेपाल की खुली सीमा की पूरी निष्ठा के साथ सुरक्षा कर रहे हैं। दोनों देशों की साझी विरासत को संजोने का काम भी थारू जनजाति के लोग कर रहे हैं। यह लोग दोनों देशों के रोटी-बेटी के संबंधों को भी मजबूत कर रहे हैं।
उन्होंने कहाकि पंडित दीन दयाल उपाध्याय से प्रेरणा लेकर नानाजी देशमुख ने देश के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति के विकास के लिए जिस अन्त्योदय की परिकल्पना की है उसका प्रमाण दीन दयाल शोध संस्थान प्रकल्प में दिखाई दे रहा है।
केन्द्र की मोदी सरकार ने पूरब और पश्चिम के अन्तर को खत्म करने का जो बीड़ा उठाया है प्रदेश सरकार उसमे पूरा सहयोग करेगी। थारू बाहुल्य इलाको में स्थापित दीन दयाल विद्यालय को इंटर मीडिएट की मान्यता दी जाएगी। छात्रावास की व्यवस्था सुदृढ़ की जाएगी।
क्षेत्र में पक्की सड़क तथा मिनी स्टेडियम के निर्माण के साथ-साथ थारू संस्कृति के संरक्षण के लिए संग्रहालय भी बनाया जाएगा। पूर्व सरकार ने थारू जनजाति के छात्रों की जो छात्रवृत्ति समाप्त कर दी थी उसे प्रदेश सरकार शीघ्र ही बहाल करेगी।
कार्यक्रम को सूबे के समाज कल्याण व जनजाति विकास मंत्री रमापति शास्त्री, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मनू भाई कुणकर्णी, राम कृपाल शुक्ला आदि ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर सांसद जगदम्बिका पाल, दद्दन मिश्र, गैसड़ी विधायक शैलू सिंह, सदर विधायक पलटूराम, उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा, गोण्डा विधायक प्रतीक भूषण सिंह, डुमरियागंज विधायक राघवेन्द्र सिंह, दिलीप गुप्ता, अभय महाजन, सुभाष सिंह व पूर्व विधायक धीरू सिंह समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
सूबे के मुख्यमंत्री ने दीन दयाल शोध संस्थान परिसर में स्थापित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इस दौरान उन्होंने थारू जनजाति विकास के लिए विभिन्न विभागों तथा संगठनों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री ने थारू विकास परियोजना की गहनता से जानकारी ली और आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। कार्यक्रम के दौरान थारू जनजाति की महिलाओं तथा युवतियों ने लोकनृत्य प्रस्तुत कर थारू सांस्कृतिक धरोहर कर परिचय दिया।