गोंडा और बलरामपुर में पशुओं में लंपी वायरस के लक्षण पाए गए हैं। ऐसे में देवीपाटन मंडल प्रशासन की ओर से चारों जिलों में लंपी वायरस को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। साथ ही प्रभावित जिलों में टीकाकरण शुरू किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि गोंडा जिले में लगभग 165 पशुओं में लंपी वायरस के लक्ष्य पाए गए हैं। इसमें से 65 से अधिक पशुओं की सेहत में उपचार के बाद सुधार है।
देवीपाटन मंडल अपर निदेशक डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि मंडल के सभी जिलों के मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारियों को लंपी वायरल को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। गोंडा व बलरामपुर में लंपी वायरस के लक्षण पाए गए हैं। साथ ही रिंग बनाकर पशुओं को सुरक्षित किया जा रहा है। जानवरों के आसपास व लंपी वायरस के फैलने की आशंकाओं को ध्यान में रखते हुए रिंग वैक्सीनेशन किया जा रहा है। वहीं, डिप्टी सीवीओ डॉ. आरके तिवारी ने बताया कि सभी पशुचिकित्सालयों में वैक्सीन की डोज पहुंचा दी गई है। सूचना के आधार पर टीकाकरण किया जा रहा है।
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यह है लंपी वायरस
लंपी वायरस एक गांठदार त्वचा रोग है। इसका मुख्य लक्ष्य मवेशी (गाय, भैंस) होते हैं। यह वायरस मवेशियों के शरीर पर गांठें (त्वचा की गांठें), बुखार और सूजन पैदा करता है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान होता है। संक्रमण अक्सर मच्छर और अन्य कीटों द्वारा फैलता है, जो बीमारी को एक पशु से दूसरे पशु तक पहुंचाते हैं।
लक्षण दिखने पर दें जानकारी
डिप्टी सीवीओ डॉ. आरके तिवारी का कहना है कि पशुओं के लंपी वायरस का लक्षण दिखाई दे तो तत्काल नजदीकी पशु चिकित्सालयों में सूचना दें। साथ ही प्रभावित पशुओं को अन्य से दूर रखें। इसमें बुखार के साथ पशु चारा-पानी छोड़ सकता है।