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Gonda News: तुलसी जन्मभूमि पर पूरे साल चलेगा अखंड पाठ व भंडारा

Sun, 15 Jun 2025 11:36 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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परसपुर (गोंडा)। अयोध्या धाम में रामलला के मंदिर निर्माण के बाद अब रामचरित मानस के रचनाकार गोस्वामी तुलसीदास जी की जन्मभूमि राजापुर सूकरखेत की महत्ता भी बढ़ती जा रही है। अब लोगों में इस पावन स्थली का दर्शन करने की लालसा बढ़ गई है।
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तुलसी जन्मभूमि न्यास की ओर से वर्ष भर अखंड पाठ व भंडारे के आयोजन की तैयारी की जा रही है। जल्द ही इसका श्रीगणेश होगा। श्री तुलसी जन्मभूमि न्यास व सनातन धर्म परिषद के अध्यक्ष डॉ. स्वामी भगवदाचार्य ने बताया कि इस स्थली पर अखंड रामायण पाठ सहित अन्य कार्यक्रमों को उनकी गरिमा के अनुकूल करने का निर्णय लिया गया है। यहां रामचरित मानस का अनवरत पाठ हमेशा चलता रहेगा। जो साधु-संत व श्रद्धालु यहां आते हैं उनके लिए हमेशा भंडारे का आयोजन भी होता रहेगा। इसके लिए अभियान चलाकर लोगों से मात्र एक-एक रुपया लिया जाएगा। लोगों से संपर्क कर कपड़े की थैलियां बांटी जाएंगी। अनाज के लिए हर गांव के लोगों से संपर्क कर खरीफ व रबी सीजन में एक-एक किलो अनाज स्वेच्छा से लिया जाएगा।
डॉ. स्वामी भगवदाचार्य ने कहा कि तुलसी पूरे विश्व के हैं। ऐसे में कहीं का कोई भी व्यक्ति सहयोग कर सकता है, लेकिन परसपुर ब्लाॅक, करनैलगंज तहसील समेत जिले का विशेष दायित्व बनता है। क्योंकि तुलसीदास जी का जन्म परसपुर के राजापुर सूकरखेत में हुआ था।
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विश्व में तुलसीदास से बड़ा कोई लेखक नहीं
श्री तुलसी जन्मभूमि न्यास व सनातन धर्म परिषद के अध्यक्ष डॉ. स्वामी भगवदाचार्य ने भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी ने परसपुर के राजापुर सूकरखेत की पावन मिट्टी में जन्म लेकर रामचरित मानस जैसे अमर महाकाव्य की रचना कर प्रभु श्रीराम की मर्यादा को भारत ही नहीं, बल्कि विश्व में जन-जन तक पहुंचाया। उन्होंने बताया कि जिस तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तमाम लेखक प्रसिद्ध हैं, लेकिन तुलसी के सामने ये सभी नगण्य हैं। विश्व में तुलसी जैसा बड़ा आज तक न कोई हुआ है और न होने की संभावना है। इस पावन स्थली पर तुलसी जयंती, सूकरखेत महोत्सव, तुलसी मानस मेला, अयोध्या के 84 कोसी यात्रा में साधु-संतों का बराबर आना-जाना रहता है। तमाम धार्मिक क्रियाकलाप यहां होते रहते हैं।
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