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स्कूल में करंट उतरने के मामले में एई सस्पेंड

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लखनऊ। बलरामपुर में बीती 15 जुलाई को बिजली का हाईटेंशन तार गिरने से स्कूली बच्चों के घायल होने के मामले में वहां के सहायक अभियंता (परीक्षण) धीरेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही अधिशासी अभियंता (परीक्षण) राजेश कुमार सिन्हा तथा उप खंड अधिकारी (वितरण) प्रशांत शेखर को चार्जशीट देकर उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करा दी गई है। यह कार्रवाई मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी संजय गोयल की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
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गौरतलब है कि इस मामले में दो संविदा कर्मियों को भी हटा दिया गया है। दुर्घटना के दिन ही प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर अवर अभियंता प्रियदर्शी तिवारी व लाइन स्टाफ इबता हुसैन को निलंबित किया जा चुका है। इस तरह अब तक तीन कार्मिकों को निलंबित किया गया है। मुख्यमंत्री इस घटना की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा है कि ऐसी दुर्घटनाएं न हों इसके लिए सभी जरूरी कदम जल्द उठाए जाएं। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रमुख सचिव ऊर्जा व पावर कार्पोरेशन के अध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि बिजली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए 33 केवी और 11 केवी लाइनों की जांच कराकर ढीले तारों को ठीक करने एवं जर्जर तारों को बदलने का अभियान भी शुरू हो गया है। बलरामपुर के अधीक्षण अभियंता को निर्देशित किया गया है कि 11 केवी विद्युत लाइन को विद्यालय के समीप से तत्काल हटवा दिया जाए।
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जांच रिपोर्ट में लापरवाही उजागर
मध्यांचल के एमडी की अध्यक्षता वाली कमेटी की जांच रिपोर्ट में विभागीय अभियंताओं व कर्मचारियों की लापरवाही उजागर हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दो माह पूर्व क्षतिग्रस्त डबल पोल का स्थानीय अवर अभियंता प्रियदर्शी तिवारी एवं लाइन स्टाफ इबता हुसैन की देखरेख में कुशल श्रमिक द्वारा मेंटीनेंस कराया गया था, परंतु डबल पोल की तरफ जाने वाली 11केवी लाइन हॉरिजेंटल क्लीयरेंस को संज्ञान में नहीं लिया गया और न ही समय से समीपवर्ती पेड़ों की टहनियों की कटाई-छंटाई की गई, जिसके कारण दुर्घटना हुई। इसके लिए अवर अभियंता प्रियदर्शी तिवारी एवं लाइन स्टॉफ इबता हुसैन व कुशल श्रमिक दोषी पाए गए। विद्युत परीक्षण खंड बलरामपुर के सहायक अभियंता धीरेंद्र कुमार द्वारा मानक के अनुसार फीडरों का परीक्षण नहीं किया गया जिसके उन्हें भी दोषी माना गया। अधिशासी अभियंता (परीक्षण) राजेश कुमार सिन्हा व उप खंड अधिकारी उतरौला प्रशांत शेखर ने विद्युत उपकेंद्र के फीडरों का परीक्षण व अनुरक्षण नहीं किया जिसके लिए दोनों को पर्यवेक्षीय शिथिलता का दोषी पाया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2009 में एलटी लाइन से 11केवी चमरूपुर एचटी फीडर के कार्य के दौरान लाइन की क्लीयरेंस को मानकों के अनुरूप नहीं रखा गया। जिसके लिये तत्कालीन अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही की सिफारिश की जा रही है।
दुर्घटनाओं की रोकथाम का सुझाव देने को छह सदस्यीय समिति
भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो तथा सार्वजनिक स्थलों पर विद्युत सुरक्षा सुनिश्चित करने के संबंध में सभी पहलुओं पर विचार कर संस्तुति देने के लिए ऊर्जा विभाग की ओर से पावर कार्पोरेशन की प्रबंध निदेशक अपर्णा यू. की अध्यक्षता में एक छह सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति को शासन को अपनी संस्तुतियां 31 जुलाई तक देने को कहा गया है। इस कमेटी में मध्यांचल वितरण निगम के प्रबंध निदेशक, निदेशक विद्युत सुरक्षा, जिलाधिकारी मिर्जापुर, बरेली के क्षेत्रीय मुख्य अभियंता बरेली तथा पावर कार्पोरेशन के निदेशक वितरण को शामिल किया गया है।
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